-
आधी उमर करके धुआं -2
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में स्वर्गीय भारत भूषण जी के इस प्रसिद्ध गीत का दूसरा भाग प्रस्तुत कर रहा हूँ- आधी उमर करके धुआं -2 आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
-
बे-शक्ल सी मेरी मिट्टी!
बहुत दिनों से है बे-शक्ल सी मेरी मिट्टी,बहुत दिनों से कोई कूज़ा-गर नहीं आया| अज़हर इक़बाल
-
बुलंदियों का तिलिस्म!
बहुत अजीब है यारों बुलंदियों का तिलिस्म,जो एक बार गया लौट कर नहीं आया| अज़हर इक़बाल
-
मेरा प्यार भी तू है!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में फिल्म- साथी का गीत शेयर कर रहा हूँ जिसे मुकेश जी और सुमन कल्याणपुर जी ने गाया था, गीतकार थे मजरूह सुल्तानपुरी और संगीत नौशाद जी ने तैयार किया था- मेरा प्यार भी तू है, ये बहार भी तू है! आशा है आपको यह…
-
स्त्रियाँ लाती थीं मीलों दूर से भरकर घड़े!
आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि प्रयाग शुक्ल जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। प्रयाग शुक्ल जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है प्रयाग शुक्ल जी की यह कविता – खड़े थे कई बच्चेतितर-बितर।नहीं था पानीबिजली नहीं थी।कीचड़ था। आंधी चलती थी।बूंदें गिरती थीं।रोती…
-
आधी उमर करके धुआं-1
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय भारत भूषण जी के इस प्रसिद्ध गीत का पहला अंश प्रस्तुत कर रहा हूँ- आधी उमर करके धुआं, ये तो कहो किसके हुए-1 आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *******