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बस्तियाँ दूर हुई जाती हैं!
बस्तियाँ दूर हुई जाती हैं रफ़्ता रफ़्ता,दम-ब-दम आँखों से छुपते चले जाते हैं चराग़| अहमद फ़राज़
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औरों के बुझाते हैं चराग़!
अपनी महरूमी के एहसास से शर्मिंदा हैं,ख़ुद नहीं रखते तो औरों के बुझाते हैं चराग़| अहमद फ़राज़
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तेरी उम्मीद पे!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह शेर- तेरी उम्मीद पे ठुकरा रहा हूँ दुनिया को!फिल्म- अर्थ मुख्य कलाकार- शबाना आज़मी, राज किरण शायर- कैफ़ी आज़मी गायक- जगजीत सिंह प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
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सूरज को दिखाते हैं चराग़!
तेरे होते हुए महफ़िल में जलाते हैं चराग़,लोग क्या सादा हैं सूरज को दिखाते हैं चराग़| अहमद फ़राज़
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गुम है किसी के प्यार में !
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- गुम है किसी के प्यार में दिल सुबह शाम !फिल्म – रामपुर का लक्ष्मण मुख्य कलाकार- रणधीर कपूर. रेखा गीतकार- मजरुह सुल्तानपुरी संगीतकार- राहुल देव बर्मन गायक- किशोर कुमार, लता मंगेशकर प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद।…
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वो पल कि जिसमें मोहब्बत जवान होती है
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में कैफ़ी आज़मी जी का एक और शेर – वो पल कि जिसमें मोहब्बत जवान होती हैफिल्म- अर्थ मुख्य कलाकार- शबाना आज़मी, राज किरण शायर- कैफ़ी आज़मी गायक- जगजीत सिंह प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद । *****
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किसे है कल की ख़बर!
ये एक शब की मुलाक़ात भी ग़नीमत है,किसे है कल की ख़बर थोड़ी दूर साथ चलो| अहमद फ़राज़
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नशे में चूर हूँ मैं भी!
नशे में चूर हूँ मैं भी तुम्हें भी होश नहीं,बड़ा मज़ा हो अगर थोड़ी दूर साथ चलो| अहमद फ़राज़