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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 13th Jan 2026

    आँख खुल जाए तो!

    नींद आ जाए तो क्या महफ़िलें बरपा देखूँ,आँख खुल जाए तो तन्हाई का सहरा देखूँ| परवीन शाकिर

  • 13th Jan 2026

    कार और सरकार!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में स्वर्गीय शैल चतुर्वेदी जी की एक छोटी सी हास्य कविता शेयर कर रहा हूँ- आशा है आपको यह पसंद आएगी,धन्यवाद। *****

  • 13th Jan 2026

    इक ज़रा शेर कहूँ!

    अपनी रुस्वाई तिरे नाम का चर्चा देखूँ,इक ज़रा शेर कहूँ और मैं क्या क्या देखूँ| परवीन शाकिर

  • 13th Jan 2026

    अच्युतम केशवम!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में यह प्रसिद्ध भजन शेयर कर रहा हूँ- अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम! आशा है आपको पसंद आएगा,धन्यवाद। ******

  • 13th Jan 2026

    ज़िंदगी की बेबसी का !

    एक मुश्त-ए-ख़ाक और वो भी हवा की ज़द में है,ज़िंदगी की बेबसी का इस्तिआ’रा देखना| परवीन शाकिर

  • 13th Jan 2026

    आइने की आँख ही!

    आइने की आँख ही कुछ कम न थी मेरे लिए, जाने अब क्या क्या दिखाएगा तुम्हारा देखना| परवीन शाकिर

  • 13th Jan 2026

    कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपने स्वर में फिल्म – पूरब पश्चिम के लिए मुकेश जी का गाया यह गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ- कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे। आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *******

  • 13th Jan 2026

    दयालु नेता!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में स्वर्गीय अल्हड बीकानेरी जी की एक हास्य कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ- दया करो हे दयालु नेता! आशा है आपको पसंद आएगी,धन्यवाद। *******

  • 13th Jan 2026

    युवा जंगल!

    आज मैं आधुनिक हिंदी कवि श्री अशोक वाजपेयी जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। वाजपेयी जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री अशोक वाजपेयी जी की यह कविता – एक युवा जंगल मुझे,अपनी हरी पत्तियों से बुलाता है।मेरी शिराओं में हरा रक्त बहने लगा…

  • 12th Jan 2026

    ख़ून में डूबा हुआ!

    जब बनाम-ए-दिल गवाही सर की माँगी जाएगी, ख़ून में डूबा हुआ परचम हमारा देखना| परवीन शाकिर

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