Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 6th Oct 2025

    मेरे यू ट्यूब चैनल पर

    मैंने अपने यू ट्यूब चैनल पर अपनी आवाज़ में मेरे प्रिय गायक मुकेश जी का एक और गीत अपलोड किया है, आज वही शेयर कर रहा हूँ- ओह रे ताल मिले नदी के जल में https://youtu.be/m_eU_UTwQ4c?si=480jSyRlIs4C20Du आशा है आपको पसन्द आएगा।

  • 6th Oct 2025

    हो दिल में मोहब्बत!

    हो दिल में मोहब्बत तो हो एहसास-ए-मोहब्बतफ़ितरत का ये इनआ’म मगर आम नहीं है। रौशन बनारसी

  • 6th Oct 2025

    किस मुँह से कहूँ !

    ये दर्द ये सोज़िश ये तड़प और ये आहें,किस मुँह से कहूँ इश्क़ में आराम नहीं है। रौशन बनारसी

  • 6th Oct 2025

    ख़बर-ए-शाम नहीं है!

    है शाम तो अब सुब्ह का होना है क़यामत,जब सुब्ह हुई तो ख़बर-ए-शाम नहीं है। रौशन बनारसी

  • 6th Oct 2025

    आराम सुकूँ में है!

    आराम सुकूँ में है सुकूँ मौत में या’नी,जीने में तो ज़ाहिर है कि आराम नहीं है। रौशन बनारसी

  • 6th Oct 2025

    दिल्ली!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि श्री उदय प्रकाश जी की एक रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ। उदय जी की अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री उदय प्रकाश जी की यह कविता – समुद्र के किनारेअकेले नारियल के पेड़ की तरह हैएक अकेला आदमी इस शहर में. समुद्र के…

  • 5th Oct 2025

    बे आप के देखे भी!

    नज़्ज़ारे से हाँ और भी दिल होता है बेचैन,बे आप के देखे भी तो आराम नहीं है। रौशन बनारसी

  • 5th Oct 2025

    जो कल थी तड़प!

    सय्याद ये क्यूँ-कर कहूँ आराम नहीं है,जो कल थी तड़प आज तह-ए-दाम नहीं है| रौशन बनारसी

  • 5th Oct 2025

    आग़ाज़ ही आग़ाज़ है!

    मंज़िल का मोहब्बत मैं कहीं नाम नहीं है,आग़ाज़ ही आग़ाज़ है अंजाम नहीं है। रौशन बनारसी

  • 5th Oct 2025

    ऐसे भी ज़माने आये हैं!

    होठों पे तबस्सुम हल्क़ा सा आँखों में नमी सी है ‘फ़ाकिर’हम अहले-मोहब्बत पर अक्सर ऐसे भी ज़माने आये हैं। सुदर्शन फ़ाकिर

←Previous Page
1 … 202 203 204 205 206 … 1,441
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,131 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar