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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 12th Jan 2026

    ऐ शब-ए-हिज्राँ ज़रा!

    किस शबाहत को लिए आया है दरवाज़े पे चाँद,ऐ शब-ए-हिज्राँ ज़रा अपना सितारा देखना| परवीन शाकिर

  • 12th Jan 2026

    जाते जाते उसका वो!

    यूँ बिछड़ना भी बहुत आसाँ न था उस से मगर,जाते जाते उस का वो मुड़ कर दोबारा देखना| परवीन शाकिर

  • 12th Jan 2026

    श्रीराम चंद्र कृपालु भज मन!

    अ‍ॅपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपने स्वर में गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा लिखित प्रसिद्ध श्रीराम स्तुति प्रस्तुत कर रहा हूँ- श्रीराम चंद्र कृपालु भज मन, हरण भव भय दारुणं! आशा है आप इसे पसंद करेंगे,धन्यवाद। ******

  • 12th Jan 2026

    तुम बिन जीवन कैसे बीता!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में मुकेश जी का गाया ‘अनिता’ फिल्म का यह गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ- तुम बिन जीवन कैसे बीता, पूछो मेरे दिल से! आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। *****

  • 12th Jan 2026

    तुम किनारा देखना!

    बादबाँ* खुलने से पहले का इशारा देखना,मैं समुंदर देखती हूँ तुम किनारा देखना| *नौका का पाल परवीन शाकिर

  • 12th Jan 2026

    अम्बे चरण कमल हैं तेरे!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं जगजीत सिंह जी द्वारा गाये गए भजन का एक भाग प्रस्तुत कर रहा हूँ- अम्बे चरण कमल हैं तेरे! आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। *******

  • 12th Jan 2026

    ससुर जी उवाच!

    आज मैं हिंदी के अत्यंत श्रेष्ठ हास्य-व्यंग्य कवि श्री अशोक चक्रधर जी की एक   रचना शेयर कर रहा हूँ। चक्रधर जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री अशोक चक्रधर जी की यह कविता – डरते झिझकतेसहमते सकुचातेहम अपने होने वालेससुर जी के पास आए,बहुत कुछ कहना…

  • 11th Jan 2026

    उम्र भर सच ही कहा!

    उम्र भर सच ही कहा सच के सिवा कुछ न कहा,अज्र क्या इस का मिलेगा ये न सोचा हम ने| शहरयार

  • 11th Jan 2026

    एक मुद्दत से कोई!

    कौन सा क़हर ये आँखों पे हुआ है नाज़िल,एक मुद्दत से कोई ख़्वाब न देखा हम ने| शहरयार

  • 11th Jan 2026

    ख़ुद पशीमान हुए!

    ख़ुद पशीमान हुए न उसे शर्मिंदा किया,इश्क़ की वज़्अ को क्या ख़ूब निभाया हम ने| शहरयार

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