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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 2nd Jan 2019

    सुंदरतापूर्ण वस्तु

    आज मैं विख्यात अंग्रेजी कवि जॉन कीट्स की अंग्रेजी भाषा में लिखी गई एक कविता के कुछ भाग का भावानुवाद और उसके बाद मूल अंग्रेजी कविता, जिसका मैंने अनुवाद किया है, उसको प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद-   जॉन कीट्स सुंदरतापूर्ण वस्तु…

  • 1st Jan 2019

    इब्तिदा नए साल की!

    नया साल 2019 शुरू हो गया, आज पहला दिन है नए साल का, आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। नई शुरुआत में आशाएं भी होती हैं और आशंकाएं भी, बेहतर है कि हम अपनी आशाओं को मजबूत करें। नए लक्ष्य निर्धारित करें और योजना बनाकर उनको हासिल करने का प्रयास करें। नए साल के…

  • 31st Dec 2018

    नववर्ष-2019 की शुभकामनाएं।

    समय निरंतर अविरल प्रवाह में बहता रहता है, आगे बढ़ता जाता है, उसमें कोई सीमा रेखाएं नहीं हैं, हाँ ग्रह-नक्षत्रों की गति, विशेष रूप से सूर्य के चारों ओर हमारी पृथ्वी की परिक्रमा के हिसाब से कुछ कैलेंडर विकसित किए गए हैं, उनमें से एक ईस्वी सन वाला कैलेंडर जो आज पूरी दुनिया में माना…

  • 30th Dec 2018

    Online writers, reviewers-Idiots!

    The weekly prompt on #IndiSpire is quite harsh towards those who write online in anyway. If I understand it covers everybody who writes online, who blogs and especially those who write Book reviews or write about lifestyle, food, fashion etc. who review and influence other people in a way. And the prompt mentions all of…

  • 29th Dec 2018

    I, a Shadow of Great Raj Kapur Ji !

    Yes becoming a shadow of somebody else is not an easy job, though we often say that this person is a  shadow of him! So I am writing on the prompt- Imagine you are someone’s shadow for a day. We find that when there are elections, news reporters often cover some political star campaigner during…

  • 28th Dec 2018

    हम हिंदुस्तानी

    आज कुछ इधर-उधर की बातें।   एक बात तो पहले कल की अपनी पोस्ट के बारे में कर लूं। फ्लिपकार्ट द्वारा आयोजित कॉन्टेस्ट के लिए पोस्ट लिखी थी। मैं ऐसे कॉन्टेस्ट से कोई उम्मीद नहीं रखता, लेकिन भागीदारी करने में क्या बुराई है। लेकिन मैं टेक्नीकली बहुत ‘वीक’ हूँ, लिंक आदि कैसे शेयर करते हैं…

  • 27th Dec 2018

    Make Revolution possible, sitting at home- 1

    Yes, shopping has been a big activity for people, that involves physical movement from one shop to another, to big shopping malls. This has been a good exercise too especially for ladies and it also helped them in honing of their negotiation skills. This activity would never end but now there is a new and…

  • 26th Dec 2018

    मैं चाहता हूँ कि तुम हो जाओ अविचल

    आज फिर से, मैं विख्यात कवि नोबेल पुरस्कार विजेता- श्री पाब्लो नेरुदा की मूल रूप से ‘स्पेनिश’ भाषा में लिखी गई एक कविता के अंग्रेजी अनुवाद के आधार पर उसका भावानुवाद और उसके बाद अंग्रेजी में अनूदित कविता, जिसका मैंने अनुवाद किया है, उसको प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है…

  • 25th Dec 2018

    25. अखबारों में, सेमीनारों में, जीता है आम आदमी!

    पुराने पन्ने पलटते हुए, एक क़दम और आगे बढ़ते हैं। जीवन यात्रा का एक और पड़ाव, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग! अब बारी थी मेरे सेवाकाल के अंतिम नियोजक, एनटीपीसी लिमिटेड के साथ जुड़ने की, जहाँ मेरी सेवा भी सबसे लंबी रही। 21 मार्च, 1988 को मैंने एनटीपीसी की विंध्याचल परियोजना में कार्यग्रहण…

  • 24th Dec 2018

    कविता- पाब्लो नेरुदा

    आज फिर से, लंबे अंतराल के बाद, मैं विख्यात कवि नोबेल पुरस्कार विजेता- श्री पाब्लो नेरुदा की मूल रूप से ‘स्पेनिश’ भाषा में लिखी गई एक कविता के अंग्रेजी अनुवाद के आधार पर उसका भावानुवाद और उसके बाद अंग्रेजी में अनूदित कविता, जिसका मैंने अनुवाद किया है, उसको प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के…

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