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मरण-मिलन (मृत्यु-विवाह)
आज मैं भारत के नोबल पुरस्कार कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। लीजिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया उनकी कविता ‘Maran-Milan (Death-Wedding)’ का भावानुवाद- …
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A Gadget invention of my choice!
This is weekend time and almost every weekend there is time for me to write based on two prompts, this is the second one. This one also is a bit similar to one I had attempted earlier, but I would try to write a new story, though my gadget might be similar to one discussed…
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Real Happiness, we need to achieve!
Again it is time for writing based on a weekly prompt. I found that I had recently written on a similar subject, so presenting that post with a little bit of editing. The question is –1.How happy are you? Actually I feel that what makes us happy is acceptance! Whatever we do, if we get…
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मेरी पराश्रितता – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं भारत के नोबल पुरस्कार कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। लीजिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया उनकी कविता ‘माई डिपेंडेंस’ का भावानुवाद- …
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41. मधु का सागर लहराता था…!
यादों के समुंदर में एक और डुबकी,लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग! मैंने कितनी नौकरियों और अलग-अलग स्थानों पर तैनाती के बहाने से अपनी राम-कहानी कही है, याद नहीं। लेकिन आज दो नौकरियों की याद आ रही है, जिनका ज़िक्र नहीं हुआ। जाहिर है ये काम मैंने शुरू के समय में, बेरोज़गार रहते हुए,…
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वसंत का एक दिन – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं भारत के नोबल पुरस्कार कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। लीजिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया उनकी कविता ‘वन डे इन स्प्रिंग’ का…
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वो हंसके मिले, हम प्यार समझ बैठे!
आज 1966 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘बहारें फिर भी आएंगी’ का एक गीत याद आ रहा है। यह गीत- ओ.पी.नैय्यर जी के संगीत निर्देशन में आशा भौंसले जी ने गाया था। इस गीत के लेखक थे- श्री एस. एच. बिहारी जी। यह गीत लंबे समय तक बिनाका गीतमाला का टॉप गीत बना रहा था। वास्तव…
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Books for Listening!
The point for today’s submission is whether books that we read are more effective or the books that we listen. This did not and can’t come to my mind, since I have never considered books to be something that should be listened. I am discussing it based on an IndiSpire prompt for this weekend. Yes…
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Long live our Great Republic
We just celebrated the 70th Republic Day of our great country India. Our Republic became 69 yrs old on 26th January, 2019. Our great leaders had made untiring efforts, sacrifices and as a result we became a free nation on 15th August, 1947 and after prolonged discussions we developed our great constitution and adopted it…
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40. मालूम क्या किसी को, दर्द-ए-निहां हमारा!
सभी मित्रों को भारतीय गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए, आज फिर से यादों की पुरानी संदूकची खोल रहा हूँ, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग! पता नहीं क्या सोचकर यह ब्लॉग लिखने की शुरुआत की थी। और इसको शेयर करता हूँ ट्विटर पर, फेसबुक पर! जैसे गब्बर सिंह ने सवाल पूछा था, क्या…