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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 24th Mar 2019

    52. पर हमें ज़िंदगी से बहुत प्यार था!

    लीजिए आज फिर से प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग- मेरे एक पुराने मित्र एवं सीनियर श्री कुबेर दत्त का एक गीत मैंने पहले भी शेयर किया है, उसकी कुछ पंक्तियां याद आ रही हैं- करते हैं खुद से ही, अपनी चर्चाएं सहलाते गुप्प-चुप्प बेदम संज्ञाएं, बची-खुची खुशफहमी, बाज़ारू लहज़े में, करते हैं विज्ञापित, कदम…

  • 22nd Mar 2019

    51. लेकिन दृश्य नहीं बदला है !

    लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग- आज बहादुरी के बारे में थोड़ा विचार करने का मन हो रहा है। जब जेएनयू में, करदाताओं की खून-पसीने की कमाई के बल पर, सब्सिडी के कारण बहुत सस्ते में हॉस्टलों को बरसों-बरस पढ़ाई अथवा शोध के नाम पर घेरकर पड़े हुए, एक विशेष विचारधारा के विषैले प्राणी…

  • 21st Mar 2019

    अपने हाथों में हवाओं को गरिफ्तार न कर!

    सदाबहार गायक मुकेश जी के गाये, प्रेमगीतों के क्रम में आज जो गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ, वह अपने आप में अलग तरह का गीत है। ऐसी परिस्थिति का गीत जबकि सब कुछ प्रेम के विरुद्ध होता है। आज का गीत 1968 में रिलीज हुई फिल्म- ‘हिमालय की गोद में’ के लिए कल्याणजी आनंदजी के…

  • 20th Mar 2019

    आईना हूँ मैं तेरा!

    महान इंसान और अमर गायक मुकेश जी के गाये, ऐसे प्रेमगीतों के क्रम में जिनमें नायिका का सौंदर्य वर्णन बहुत सुंदर रूप में किया गया है, आज भी मैं ऐसा ही एक और प्रसिद्ध गीत शेयर कर रहा हूँ| आज का गीत 1968 में रिलीज हुई फिल्म- ‘साथी’ के लिए मजरूह सुल्तानपुरी जी ने लिखा…

  • 19th Mar 2019

    न ज़ुबाँ को दिखाई देता है, न निग़ाहों से बात होती है!

    महान इंसान और गायक मुकेश जी के गाये, प्रेम और नायिका सौंदर्य वर्णन के सुंदर गीतों के क्रम में आज मैं एक और प्रसिद्ध गीत शेयर कर रहा हूँ| आज का गीत 1970 में रिलीज हुई फिल्म- ‘मॉय लव’ के लिए आनंद बक्शी जी ने लिखा था, जिसे मुकेश जी ने दान सिंह जी के…

  • 17th Mar 2019

    WOW-Learning what to do, what not!

    Life is a continuous process of learning. Today I have to talk about what ‘I’ll never do _____ again, because’, yes we take such decisions based on pleasant and unpleasant happenings. At present I am living in Goa, it is a nice place but not much to learn here! One reason being that I do…

  • 17th Mar 2019

    कैसे फिर चैन तुझ बिन, तेरे बदनाम लेंगे!

    मेरे प्रिय गायक मुकेश जी के गाये, प्रेम के और नायिका सौंदर्य वर्णन के सुंदर गीतों के क्रम में आज भी मैं एक प्रसिद्ध गीत शेयर कर रहा हूँ, संभव है कि मैंने इस गीत को पहले भी उद्धृत किया हो। आज का गीत 1963 में रिलीज हुई फिल्म- ‘फूल बने अंगारे’ के लिए आनंद…

  • 16th Mar 2019

    Being Nostalgic Regarding Blogging!

    Today’s subject for discussion is based on being self obsessed or in self love. Everybody likes the way he behaves and deals with things. We all imbibe values, our understanding of right and wrong from our families, schools, colleges, neighborhood, friends etc. etc. Everybody considers that the things that he or group of similar people…

  • 16th Mar 2019

    BENEFITS OF DRINKING COFFEE AT BREAKFAST

    Today I am sharing a guest post on request, I hope my friends find it useful. What coffee for breakfast can do for me? There are many people who leave the house after drinking only a cup of coffee. This is a bad habit that negatively affects our health. Leaving the house in the morning…

  • 15th Mar 2019

    प्यार का ये महूरत निकल जाएगा !

    कल मैंने बताया कि मुझे अपने प्रिय गायक मुकेश जी के गाये, प्रेम के और नायिका सौंदर्य वर्णन के कई सुंदर गीत एक साथ याद आ रहे हैं। कोशिश करूंगा कि कुछ दिनों तक अपने प्रिय ऐसे कुछ गीत शेयर करूं। इस क्रम में आज 1965 में रिलीज हुई फिल्म- ‘नई उमर की नई फसल’…

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