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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 1st Aug 2019

    तुम चलती गईं- रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…

  • 31st Jul 2019

    68. हाय रे हाय ओ दुनिया, हम तेरी नज़र में आवारे!

    आज फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट का दिन है और प्रस्तुत है मेरी यह पुरानी पोस्ट- एक फिल्मी गाना याद आ रहा है, फिल्म थी- ’मैं नशे में हूँ’, यह गीत राज कपूर जी पर फिल्माया गया है, शैलेंद्र जी ने लिखा है, शंकर जयकिशन का संगीत और आवाज़ है मेरे प्रिय गायक मुकेश जी…

  • 30th Jul 2019

    वसंत के एक दिन – रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…

  • 29th Jul 2019

    ज़िंदगी और कुछ भी नहीं, तेरी मेरी कहानी है!

    आज मैं 1972 में रिलीज़ हुई मनोज कुमार जी की फिल्म – शोर का एक प्रसिद्ध गीत शेयर करना चाहता हूँ जिसे मुकेश जी और लता मंगेशकर जी ने गाया है। श्री संतोषानंद जी के लिखे इस गीत का संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जी की अमर जोड़ी ने दिया था।   अपने प्रिय गायक मुकेश जी के…

  • 28th Jul 2019

    Learning and Life

    We do several things in our life for survival, maintaining our status etc. but I have a feeling that the basic purpose of life is learning. A person is living as long as he or she is open to learning. The moment a person feels that he has learnt everything; he is as good as…

  • 26th Jul 2019

    मुझे अक्सर अचंभा होता है -रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…

  • 25th Jul 2019

    मुझसे बात करो मेरे प्रिय – रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…

  • 23rd Jul 2019

    नींद मेरी आँखों से दूर-दूर भागे!

    आज लता मंगेशकर जी और मुकेश जी का गाया एक बहुत मस्त गीत, फिल्म- ‘हरियाली और रास्ता’ का याद आ रहा है, 1962 में रिलीज़ हुई इस फिल्म के नायक थे मनोज कुमार जी और नायिका थीं- माला सिन्हा, वैसे इस फिल्म में शशिकला भी थीं और यह एक प्रकार से प्रेम त्रिकोण वाली फिल्म…

  • 22nd Jul 2019

    वनवास का क्षेत्र- रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि  गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…

  • 21st Jul 2019

    67. इसलिए प्यार को धर्म बना!

    आज फिर से पुराने ब्लॉग का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग- (यह पोस्ट मैंने बाबा राम रहीम को सज़ा होने के समय लिखी थी) एक बाबा को सज़ा का ऐलान होने वाला है। अच्छा नहीं लगता कि बाबाओं को इस हालत से गुज़रना पड़े। हमारे देश में परंपरा रही है, राजा-महाराजाओं…

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