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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 1st Oct 2019

    छुप न सकेगा इश्क़ हमारा, चारों तरफ है उनका नज़ारा!

    कल एक गीत शेयर किया था, बहुत पुरानी ऐतिहासिक कैरेक्टर्स को लेकर बनाई गई फिल्म से, प्रेम की शक्ति को, प्रेम के हार न मानने वाले जज़्बे को दर्शाने वाला गीत था। असल में जब मुझे वह गीत याद आया तब मुझे जो फिल्म याद आ रही थी, वह थी- मुगल-ए-आज़म, पता नहीं क्यों ध्यान…

  • 30th Sep 2019

    कैसे नादान हैं, शोलों को हवा देते हैं!

    आज एक बहुत पुरानी फिल्म और उसका एक गीत याद आ रहे हैं। आज का यह गीत है 1963 में रिलीज़ हुई फिल्म- ताज महल का, साहिर लुधियानवी जी के लिखे इस गीत को सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर जी ने रोशन जी के संगीत निर्देशन में अनूठे ढंग से गाया है। कुल मिलाकर इतना है…

  • 29th Sep 2019

    मन के पंछी उड़-उड़ हारे!

    हिंदी कविताओं पर चर्चा करने के क्रम में मैंने पिछली बार, हिंदी कवि सम्मेलनों में अपने समय में धूम मचाने वाले एक कवि स्व. श्री गोपाल सिंह नेपाली जी की एक कविता शेयर की थी, आज उनकी एक और लोकप्रिय कविता आपको समर्पित कर रहा हूँ, एकाकी जीवन के अनुभव, जीवन का राही अपने अंदाज़…

  • 28th Sep 2019

    Unbiased news in India!

    Again submitting my views on an #IndiSpire prompt. This time the point of discussion is “News” , and obviously it includes ‘views’ also. Most of the time our news channels are presenting 10% news and 90% views.     It generally happens that when we listen to somebody discussing present Indian political situation, in a…

  • 27th Sep 2019

    घर तो रखवारों ने लूटा!

    हिंदी कविता की जो श्रवण परंपरा रही है, कवि सम्मेलनों के माध्यम से लोगों तक पहुंचने की, उसमें बहुत से लोकप्रिय कवि रहे हैं और उन्होंने हिंदी कविता कोश को बहुत समृद्ध किया है। यह अलग बात है कि बाद में कवि सम्मेलन के मंच चुटकुलेबाजी को ज्यादा समर्पित हो गए, हालांकि आज भी कुछ…

  • 26th Sep 2019

    अंधेरी रात के दिल में दिये जला के जियो!

    आज महेंद्र कपूर जी का गाया एक गीत शेयर करूंगा और इस बहाने से भी अपने प्रिय गायक मुकेश जी की तारीफ करूंगा। हाँ तो यह गीत 1967 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘हमराज़’ का है, गीत लिखा है साहिर लुधियानवी जी ने, जो ज़िंदगी में मुसीबतों का सामना हिम्मत के साथ करने का संदेश देता…

  • 25th Sep 2019

    स्रोत- गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की कविता

    आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…

  • 24th Sep 2019

    नींद कहाँ सीने पे कोई, भारी कदमों से चलता है!

    आज फिर से अपने परम प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक अलग तरह का गीत शेयर कर रहा हूँ। सुकवि शैलेंद्र जी के लिखे इस गीत को मुकेश जी ने शंकर जयकिशन की प्रसिद्ध जोड़ी के संगीत निर्देशन में फिल्म- बेगुनाह के लिए गाया था और इसे राजेश खन्ना जी पर फिल्माया गया था।…

  • 23rd Sep 2019

    Paying fine in money or with Life!

    Again discussing on an # IndiSpire prompt. The issue is whether the fines recently made applicable by the Indian government for traffic violations are justifiable or not!     The very first thing to be noted is that the purpose of making such rules is not earning revenue for the government. As I understand the…

  • 21st Sep 2019

    वापस अपने हिंदुस्तान!

    डेढ़ माह के प्रवास के बाद लंदन से वापस चले और बंगलौर में आकर टपक गए। एयर इंडिया से ही हमने दोनो तरफ की यात्रा की। एक बात कहने का मन हो रहा ‘एयर इंडिया’ के बारे में, अपनी सरकारी एयरलाइन है, इसमें जो परिचारिकाएं हमारी सेवा के लिए उपस्थित होती हैं, उनकी उम्र देखते…

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