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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 16th Apr 2020

    प्रेम का दीप – रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…

  • 15th Apr 2020

    Liebster Award!

    I express my heartfelt thanks, for my friend and fellow blogger Mr. Rishabh Kumar for nominating me for the prestigious Liebster Award, I am sure this nomination would go a long way in motivating me to write with more devotion.  Rishabh is a creative writer and keeps sharing nice poems and other write ups and…

  • 14th Apr 2020

    जाने कौन आस-पास होता है!

    आज गुलज़ार साहब का एक गीत शेयर करने का मन हो रहा है। इस गीत को फिल्म – सीमा के लिए रफी साहब ने शंकर जयकिशन जी के संगीत निर्देशन में गाया है । गुलज़ार साहब तो भाषा में प्रयोग करने के लिए प्रसिद्ध हैं और हमारी फिल्मों को अनेक खूबसूरत गीत उन्होंने दिए हैं।…

  • 13th Apr 2020

    मैं छः सेवक रखता हूँ – रुड्यार्ड किप्लिंग

    आज, मैं विख्यात ब्रिटिश कवि रुड्यार्ड किप्लिंग की एक कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। श्री किप्लिंग एक ब्रिटिश कवि थे लेकिन उनका जन्म ब्रिटिश शासन के दौरान, मुम्बई में ही हुआ था। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद…

  • 12th Apr 2020

    माया – रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…

  • 11th Apr 2020

    चुनौती कोरोना और लॉक डाउन की!

    एक बार फिर से आज कोरोना के बारे में चर्चा करने का मन है। यद्यपि हमारे देश का निष्पादन पश्चिम के देशों के मुकाबले कहीं अच्छा रहा है, शायद इसमें जलवायु और बचपन में लगने वाले टीकों का भी कुछ योगदान हो। लेकिन जो भी हो, ऐसा स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि पिछले कुछ…

  • 10th Apr 2020

    दोपहर नवंबर की!

    आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ-     बहुत बार लोग कविता लिखते हैं मौसम पर, कुछ कविताएं बहुत अच्छी भी लिखी जाती हैं। तुलसीदास जी ने, जब रामचंद्र जी, माता सीता की खोज में लगे थे, उस समय ऋतुओं के बदलने का बहुत सुंदर वर्णन किया है। पूरा मनोविज्ञान…

  • 9th Apr 2020

    उसी के दम से रौनक आपके बंगले में आई है!

    आज जनकवि अदम गोंडवी जी की दो कविताएं बिना किसी भूमिका के प्रस्तुत कर रहा हूँ। गज़ल के छंद में उनकी रचनाएं हिंदुस्तान के आम आदमी की परिस्थितियों को, उसकी भावनाओं को अभिव्यक्ति देती थीं। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक गांव में रहने वाले गोंडवी जी शहर की तड़क-भड़क से दूर रहे और…

  • 8th Apr 2020

    उपहार – रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…

  • 7th Apr 2020

    शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए!

    आज मैं फिर से एक बार दुष्यंत कुमार जी की एक गज़ल शेयर कर रहा हूँ। जैसा कि मैंने पहले भी लिखा है, दुष्यंत कुमार जी आपात्काल में लिखी गई अपनी गज़लों के कारण बहुत प्रसिद्ध हुए थे। मैंने पहले भी उनकी कुछ गज़लें शेयर की हैं। आज की इस गज़ल में जन-साधारण का उनके…

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