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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 17th Aug 2020

    AWARD Nomination

    GREAT ACHIEVER “महासिद्धी” BLOGGER AWARD I (GAMBA I) I have been nominated by my fellow blogger Sh. Kamal Shreshtha- Kamal’s Blogginh Café- @kamalsbloggingcafe (https://kamalsbloggingcafe.wordpress.com) for the GREAT ACHIEVER “महासिद्धी” BLOGGER AWARD I (GAMBA I). I am very much thankful to Mr. Kamal Shreshtha for that and request you all to visit his site mentioned above…

  • 17th Aug 2020

    ब्लैक आउट में रोशनी की तरह!

    मैंने पहले भी सूर्यभानु गुप्त जी की कुछ रचनाएँ शेयर की हैं| वे बहुत सुंदर रचनाएँ, विशेष रूप से गज़लें लिखते हैं, जिनमें उन्होंने अनेक एक्सपेरीमेंट किए हैं| कुछ शेर तो उनके मुझे अक्सर याद आते हैं, जैसे – ‘जब अपनी प्यास के सहरा से डर गया हूँ मैं, नदी बांध के पत्थर उतर गया…

  • 16th Aug 2020

    मैं जहाँ रहूँ जहाँ में, याद रहे तू !

    मैं अक्सर पुरानी फिल्मों के गीत याद करता हूँ, क्योंकि मुझे पुराना फिल्मी संगीत, पुराने गायक पसंद हैं, विशेष रूप से मेरे प्रिय गायक मुकेश जी, रफी साहब, किशोर कुमार, मन्ना डे, हेमंत कुमार आदि-आदि, सचिन देव बर्मन जी भी एक गायक के रूप में उनमें शामिल हैं| इसके अलावा मुझे गजल गायक- गुलाम अली…

  • 15th Aug 2020

    Independence that is – Swaadhintaa!

    We are celebrating the 74th Independence of our great nation. The country which has great culture and has been considered the ‘Vishva Guru’. Those who have faith in our rich traditions and culture rejoice by heart on this auspicious day. As a nation we never thought of grabbing the territories of other nations and always…

  • 14th Aug 2020

    कोशिश करने वालों की हार नहीं होती!

    कुछ रचना पंक्तियाँ ऐसी लिखी जाती हैं कि वे मुहावरा बन जाती हैं| जैसे डॉ बशीर बद्र जी का एक शेर था- ‘उजाले अपनी यादों के, हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए|’ ऐसी ही एक पंक्ति आज की कविता की है, जिसको अक्सर लोग कहावत की तरह…

  • 13th Aug 2020

    नहीं भूलना है मुझे – रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…

  • 12th Aug 2020

    अलविदा राहत इंदौरी जी!

    विख्यात उर्दू शायर और फिल्मी गीतकार राहत इंदौरी जी नहीं रहे| जैसा कि राहत जी ने खुद ही अपने संदेश द्वारा अपने प्रशंसकों को सूचित किया था, वे कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद इंदौर के अरविंदो अस्पताल में भर्ती हुए थे और शायद 24 घंटे से कम अवधि में ही दिल का दौरा पड़…

  • 11th Aug 2020

    मौसम नहीं, मन चाहिए !

    एक बार फिर से आज हिन्दी काव्य मंचों पर गीत परंपरा के एक लोकप्रिय स्वर रहे, स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी का एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ| इस गीत में यही संदेश दिया गया है कि अगर हमारे हौसले बुलंद हों, अगर हमारे मन में पक्का संकल्प हो तो हम कुछ भी कर सकते हैं,…

  • 10th Aug 2020

    नफरत की बैटरी!

    ब्लॉग लेखन के लिए मैंने तो मुख्यतः कविता, गीत, गजल आदि का सृजनात्मक क्षेत्र चुना है और मैं समझता हूँ कि इस क्षेत्र में ही अभिव्यक्ति के लिए इतना कुछ मिल जाता है कि कुछ और ढूँढने की जरूरत ही नहीं है| हाँ एक जागरूक नागरिक होने के नाते, जब किसी सामयिक राजनैतिक विषय पर…

  • 9th Aug 2020

    एवार्ड हेतु नॉमिनेशन के बहाने!

    आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट की बारी है – कभी कभी कुछ अलग लिखने का मन करता है, आज इसके लिए मुझे बहाना भी मिल गया क्योंकि ब्लॉग लेखन संबंधी एक एवार्ड के लिए मेरा नॉमिनेशन हो गया। मैंने, सेवानिवृत्ति से पूर्व, 22 वर्ष तक सार्वजनिक क्षेत्र की एक महानवरत्न कंपनी में काम…

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