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मैं तो एक ख्वाब हूँ!
आज मैं फिर से मेरे प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक और गीत, यूट्यूब पर अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ।गीत के बोल हैं मैं तो एक ख्वाब हूँhttps://youtu.be/sLJWKdnoasg?si=TzhHy2cwwm4QsOSkआशा है आपको पसंद आएगा। धन्यवाद
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बिना टिकिट के!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि श्री इसाक अश्क जी की एक रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ। अश्क जी की अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री इसाक अश्क जी का यह नवगीत – बिना टिकिट केगंध लिफाफाघर-भीतर तक डाल गया मौसम। रंगोंडूबी-दसों दिशाएँविजनडुलाने-लगी हवाएँदुनिया सेबेखौफ हवा मेंचुम्बन कई उछाल…
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यूँ जलूँ मैं कि न!
यूँ जलूँ मैं कि न शर्मिंदा रहूँ सूरज से,और कुछ और मुझे सोख़्ता-जानी देना| क़ैसर शमीम
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छोटी सी ये ज़िंदगानी रे
मेरा एक और यूट्यूब वीडिओ , मुकेश जी का गाया गीत मेरी आवाज में छोटी सी ये ज़िंदगानी रे –https://youtube.com/shorts/ppxWdPSmUHE?si=1owIYqURxejirc-Oआशा है आपको पसंद आएगाआप मेरा यूट्यूब चैनल यहाँ सब्स्क्राइब कर सकते हैं- youtube.com/kris230450 धन्यवाद
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ठहरे पानी को भी!
कश्तियाँ देना मगर इज़्न-ए-सफ़र से पहले,ठहरे पानी को भी दरिया की रवानी देना| क़ैसर शमीम