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भोपाल नामा
आज फिर, लंबे अंतराल के बाद यात्रा से संबंधित ब्लॉग-पोस्ट लिख रहा हूँ। पिछले सप्ताह एक विवाह समारोह में भाग लेने के लिए भोपाल जाना हुआ। मौके का फायदा उठाकर वहाँ अपने कुछ संबंधियों से मिलने और कुछ स्थानों का भ्रमण करने का भी कार्यक्रम बना लिया। प्रयास करूंगा कि इस यात्रा के कुछ अनुभव…
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24. और चुकने के लिए हैं, ऋण बहुत सारे!
एक सप्ताह से अधिक समय तक घर से बाहर था, भोपाल में; एक मैरिज पार्टी में शामिल होना, कुछ रिश्तेदारों से मिलना, कुछ स्थानों का भ्रमण भी, हालांकि भोपाल पहले ही काफी बार गया हूँ। इस बीच वहाँ सरकार भी बदल गई, कोशिश करूंगा इस यात्रा से संबंधित कुछ ब्लॉग पोस्ट लिखने की! फिलहाल, आज…
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What makes a contest?
A question have been raised about the blogging activity of Indian bloggers. Why they participate in hundreds of numbers when there is a contest, but normally around ten or less participate, submit their blog posts on Indispire topics. I however do not feel surprised by the fact. We the bloggers keep submitting our posts…
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WOW: Take A Walk. Write About The Sounds You Hear.
I remember a piece of poetry (Shair) by Great Urdu poet Mirza Ghalib Ji – Zinda hoon, zindagi ka talabgaar nahi hoon, Bazaar se guzraa hoon, kharidaar nahi hoon. In this couplet (shair) the poet expresses that he has been living but does not aspire for this life! This approach of not expecting anything, from…
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तुम समुद्र की पुत्री हो!
आज भी मैं विख्यात कवि नोबेल पुरस्कार विजेता- श्री पाब्लो नेरुदा की मूल रूप से ‘स्पेनिश’ भाषा में लिखी गई एक कविता के अंग्रेजी अनुवाद के आधार पर उसका भावानुवाद और उसके बाद अंग्रेजी में अनूदित कविता, जिसका मैंने अनुवाद किया है, उसको प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है मेरे…
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22. बैरी अंधियारे से कॉपी जंचवानी थी!
चलिए पुराने पन्ने पलटते हुए, एक क़दम और आगे बढ़ते हैं। जीवन यात्रा का एक और पड़ाव और, एक और पुराना ब्लॉग! हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड का मऊभंडार में कारखाना था, जहाँ मेरा साक्षात्कार एवं चयन हुआ था, बड़े अधिकारी यहाँ बैठते थे। हमारे वरिष्ठ प्रबंधक (राजभाषा)- श्री गुप्ता जी भी यहाँ बैठते थे, वैसे वो…
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प्रेम गीतिका- 11
आज भी मैं विख्यात कवि नोबेल पुरस्कार विजेता- श्री पाब्लो नेरुदा की मूल रूप से ‘स्पेनिश’ भाषा में लिखी गई एक कविता के अंग्रेजी अनुवाद के आधार पर उसका भावानुवाद और उसके बाद अंग्रेजी में अनूदित कविता, जिसका मैंने अनुवाद किया है, उसको प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है मेरे…
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Travel Responsibly!
So today again I am expressing my views based on a weekly prompt on #IndiSpire. I remember that when I visited Dubai, we travelled to many nearby areas with my son there, who has become an expert in driving as per the ‘right hand driving’ system there. One more thing which he had to always…
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WOW: The Last Time He Saw Her
Raghav and Priyanka knew each other quite well, this much can be said without any doubt. They accidentally got in touch when Ragav had gone to watch a movie of his favorite heroine, which incidentally also featured the beloved hero of Priyanka. Both had gone to watch the opening show of the movie. Raghav had…
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बहुत दूर मत चली जाना
आज भी मैं विख्यात कवि, नोबेल पुरस्कार विजेता- श्री पाब्लो नेरुदा की मूल रूप से ‘स्पेनिश’ भाषा में लिखी गई एक कविता के अंग्रेजी अनुवाद के आधार पर उसका भावानुवाद और उसके बाद अंग्रेजी में अनूदित कविता, जिसका मैंने अनुवाद किया है, उसको प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है मेरे…