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Journey continues forever!
I remember a lovely song from a Hindi movie which says- ‘Zindagi ka safar, hai ye kaisa safar, koi samjhaa nahi, koi jaana nahi’. This song says that our life is an unending journey, we are in this journey, as long as we are alive. It is such a journey, where everybody is travelling and…
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What Could, Should and Would Happen!
We are now in the second month of 2019. As we all know, time keeps flying and we have to always keep on our toes to catch up with time. We keep planning to achieve new things, life is a race and everybody has to perform in his own space, in his or her own…
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मुझे मिले कुछ पुराने पत्र – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज भी मैं भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। लीजिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया उनकी कविता ‘I Found A…
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कमाई के वैकल्पिक तरीके
पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी जी ने एक बात कह दी थी कि पकौड़े बेचना भी कमाई का एक तरीका हो सकता है। यह बात जिस संदर्भ में कही गई थी उसमें सही थी लेकिन विरोधियों को जैसे इसे लेना चाहिए, उन्होंने उसी तरह लिया। ऐसे ही खयाल आया कि हमारे यहाँ कमाई के ऐसे वैकल्पिक…
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मरण-मिलन (मृत्यु-विवाह)
आज मैं भारत के नोबल पुरस्कार कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। लीजिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया उनकी कविता ‘Maran-Milan (Death-Wedding)’ का भावानुवाद- …
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A Gadget invention of my choice!
This is weekend time and almost every weekend there is time for me to write based on two prompts, this is the second one. This one also is a bit similar to one I had attempted earlier, but I would try to write a new story, though my gadget might be similar to one discussed…
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Real Happiness, we need to achieve!
Again it is time for writing based on a weekly prompt. I found that I had recently written on a similar subject, so presenting that post with a little bit of editing. The question is –1.How happy are you? Actually I feel that what makes us happy is acceptance! Whatever we do, if we get…
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मेरी पराश्रितता – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं भारत के नोबल पुरस्कार कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। लीजिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया उनकी कविता ‘माई डिपेंडेंस’ का भावानुवाद- …
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41. मधु का सागर लहराता था…!
यादों के समुंदर में एक और डुबकी,लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग! मैंने कितनी नौकरियों और अलग-अलग स्थानों पर तैनाती के बहाने से अपनी राम-कहानी कही है, याद नहीं। लेकिन आज दो नौकरियों की याद आ रही है, जिनका ज़िक्र नहीं हुआ। जाहिर है ये काम मैंने शुरू के समय में, बेरोज़गार रहते हुए,…
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वसंत का एक दिन – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं भारत के नोबल पुरस्कार कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। लीजिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया उनकी कविता ‘वन डे इन स्प्रिंग’ का…