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अमर प्रेम कथा!
कुछ मंचों पर, साप्ताहिक रूप से जो विषय दिए जाते हैं ब्लॉग में आलेख लिखने के लिए, उनमें से ही इस बार #IndiSpire में यह विषय सुझाया गया था कि लोग अपने क्षेत्र अथवा दुनिया में किसी भी क्षेत्र से जुड़ी कोई प्रेम कहानी के संबंध में कोई रोचक आलेख लिखें। इस विषय में विचार…
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दिल दा मामला है!
आज पंजाबी गीतों के सम्राट- श्री गुरदास मान जी का गाया एक गीत शेयर करने का मन है। पंजाबी संगीत की एक अलग पहचान है और उसमें बहुत लंबे समय से गुरदास मान जी का स्थान ऐसा है, जिसके आसपास कोई दूसरा नहीं पहुंच पाया है। श्री गुरदास मान जी का यह गीत भी बहुत…
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56. दैर-ओ-हरम में बसने वालो!
आज फिर से, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग- यह जानकर, हर किसी को अच्छा लगता है कि कुछ लोग हमको जानते हैं। लेकिन दुनिया में हर इंसान अलग तरह का है, कितने लोग वास्तव में ऐसे होते हैं, जो किसी व्यक्ति को ठीक से जानते हैं। कुछ लोग हैं, जो हमारे साथ मुहल्ले…
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कारण बिनु रघुनाथ कृपाला!
आजकल चुनाव का मौसम है और एक के बाद एक नेताओं के असली चेहरे जनता के सामने उजागर हो रहे हैं। कुछ नेता तो ऐसे हैं, नवजोत सिंह सिद्धू जैसे- जो एक पार्टी से दूसरी में क्या गए, पूरा चरित्र ही बदल गया उनका। मुझे लगता है सिद्धू शायद इस बात का बहुत सटीक उदाहरण…
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जब इश्क़ तुम्हें हो जाएगा!
अभी कुछ दिन पहले ही आस्था (फेथ) पर एक प्रस्तुति दी थी। आज खयाल आ रहा है कि ‘प्रेम’ या उर्दू शायरी की ज़ुबान में कहें तो ‘इश्क़’ भी आस्था का बहुत बड़ा संबल होता है। जो प्रेम में होता है, वह स्वयं के लिए भले ही आस्तिक न हो, अपने प्रियजनों के लिए आस्तिक…
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मनुष्य पर कविताएं- रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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इंसानों पे क्या गुज़री है!
सदाबहार गायक मुकेश जी के गाये गीतों के क्रम में आज प्रस्तुत कर रहा हूँ, 1967 में रिलीज़ हुई मनोज कुमार जी की फिल्म- उपकार का एक गीत। दीवानगी को लेकर मुकेश जी ने बहुत से गीत गाए हैं और उनके प्रिय साथी और महान शो-मैन राज कपूर जी, इस तरह की भूमिकाएं निभाते रहे…
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What do I forget very often?
I remember the title of the first part of the autobiography written by famous Hindi poet- Dr. Harivansh Rai Bachchan Ji, the late father of veteran actor- Sh. Amitabh Bachchan Ji. Dr. Bachchan wrote his autobiography in three parts and naturally the first part would include the incidents of very early life, which in many…
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Teacher- Who should choose this profession?
It has become a fashion now a days, that we associate some days to a particular type of activities, persons may be children, older people, ladies, a kind of relation etc. etc. We ceremoniously give great honour and respect to say ladies, though they might be suffering a lot in life in real, but while…
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नींद चुराने वाली- रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…