Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 19th Oct 2025

    सरापा राज़ हूँ मैं!

    सरापा राज़ हूँ मैं क्या बताऊँ कौन हूँ क्या हूँ,समझता हूँ मगर दुनिया को समझाना नहीं आता| यगाना चंगेज़ी

  • 19th Oct 2025

    वो आँसू क्या पिएगा!

    दिल-ए-बे-हौसला है इक ज़रा सी ठेस का मेहमाँ,वो आँसू क्या पिएगा जिस को ग़म खाना नहीं आता| यगाना चंगेज़ी

  • 19th Oct 2025

    जितनी दूर नयन से सपना!

    आज मैं एक बार फिर अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से एक श्रेष्ठ साहित्यिक गीत शेयर कर रहा हूँ।आज का गीत मेरे लिए गुरुतुल्य रहे स्वर्गीय डॉक्टर कुंवर बेचैन जी का है और मुझे बहुत प्रिय है।लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय कुंवर बेचैन जी का यह गीत मेरे स्वर में-जितनी दूर नयन से सपना, जितनी…

  • 19th Oct 2025

    एक नाम अधरों पर आया!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी की एक रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ। नंदन जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी की यह कविता – एक नाम अधरों पर आया,अंग-अंग चंदन वन हो गया. बोल है कि वेद की ऋचायेंसांसों में…

  • 18th Oct 2025

    बहाना कर के तन्हा!

    मुझे ऐ नाख़ुदा आख़िर किसी को मुँह दिखाना है,बहाना कर के तन्हा पार उतर जाना नहीं आता| यगाना चंगेज़ी

  • 18th Oct 2025

    मुझे दिल की ख़ता पर!

    मुझे दिल की ख़ता पर ‘यास’ शरमाना नहीं आता,पराया जुर्म अपने नाम लिखवाना नहीं आता| यगाना चंगेज़ी

  • 18th Oct 2025

    बिखरा हुआ हूँ वक़्त!

    बिखरा हुआ हूँ वक़्त के शाने पे गर्द सा,इक ज़ुल्फ़-ए-पुर-शिकन हूँ सँवारे मुझे कोई| मुज़फ़्फ़र हनफ़ी

  • 18th Oct 2025

    मिलता है क्यूँ नदी के!

    अब तक तो ख़ुद-कुशी का इरादा नहीं किया,मिलता है क्यूँ नदी के किनारे मुझे कोई| मुज़फ़्फ़र हनफ़ी

  • 18th Oct 2025

    ज़िंदगी और बता तेरा इरादा क्या है!

    आज मैं अपने यूट्यूब चैनल से अपने स्वर में एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे स्वर्गीय रामावतार त्यागी जी ने लिखा था और मेरे प्रिय गायक मुकेश जी ने गाया था। मुकेश जी द्वारा गाया रामावतार त्यागी जी का लिखे गीत मेरे स्वर में -ज़िंदगी और बता तेरा इरादा क्या है!https://youtu.be/G 4LeDjZXzC8 आशा है…

  • 18th Oct 2025

    कविता से बाहर!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि और मेरे अग्रज कुबेर दत्त जी की एक रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ। कुबेर जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है कुबेर दत्त जी की यह कविता – कभी-कभी सोचता हूँबहुत हो गईबहुत हो गई कविताई । जीवन के नाम पर शेषचेक एक…

←Previous Page
1 … 129 130 131 132 133 … 1,379
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar