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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 9th Apr 2026

    मेरे देश की धरती सोना उगले!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं, अपने स्वर में, देशभक्ति की भावना से परिपूर्ण उपकार फिल्म का प्रसिद्ध गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे महेंद्र कपूर जी ने गाया था- मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *******

  • 9th Apr 2026

    अक्षरों की अर्चना!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय चंद्रसेन विराट जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। विराट जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय चंद्रसेन विराट जी की यह ग़ज़ल – आयु भर हम अक्षरों की अर्चना करते रहें.छंद में ही काव्य की नव सर्जना करते रहें..…

  • 8th Apr 2026

    शायद भेस बदला है!

    कहाँ का वस्ल तन्हाई ने शायद भेस बदला है, तिरे दम भर के मिल जाने को हम भी क्या समझते हैं| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 8th Apr 2026

    बस इतने पर हमें सब!

    बस इतने पर हमें सब लोग दीवाना समझते हैं,कि इस दुनिया को हम इक दूसरी दुनिया समझते हैं| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 8th Apr 2026

    निगाह-ए-यार तुझको

    किसी बदमस्त को राज़-आश्ना सब का समझते हैं,निगाह-ए-यार तुझ को क्या बताएँ क्या समझते हैं| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 8th Apr 2026

    हर एक मुक़ाम पे!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरा एक मुक्तक- हर एक मुक़ाम पे ठहरा, झुका, सलाम किया! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *******

  • 8th Apr 2026

    तुम्हें क्यूँकर बताएँ !

    तुम्हें क्यूँकर बताएँ ज़िंदगी को क्या समझते हैं,समझ लो साँस लेना ख़ुद-कुशी करना समझते हैं| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 8th Apr 2026

    झुक के पानी माँगने वाले!

    लगाएँ जो सरों की बाज़ियाँ ये काम उन का है,इमामत क्या करेंगे झुक के पानी माँगने वाले। मंज़र भोपाली

  • 8th Apr 2026

    न मुंह छुपा के जियो!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में, हमराज़ फिल्म का यह गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे साहिर लुधियानवी जी ने लिखा था और रवि जी के संगीत निर्देशन में महेंद्र कपूर जी ने गाया था- न मुंह छुपा के जियो, और न सर झुका के जियो! आशा है आपको यह…

  • 8th Apr 2026

    अगर तुम्हें नींद नहीं आ रही!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय चंद्रकांत देवताले जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ।देवताले जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं।लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय चंद्रकांत देवताले जी की यह कविता – अगर तुम्हें नींद नहीं आ रहीतो मत करो कुछ ऐसाकि जो किसी तरह सोए हैं उनकी नींद हराम…

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