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A monument of freedom struggle-Cellular Jail, Andman.
When we talk about monuments, it is mostly a big palace, fort, some attractive structure built by the rulers, Kings or in case of India and many other countries which remained as colonies of British rulers, the governor houses etc. where their representatives lived also are among some monuments which attract tourists. The place…
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अभिवादन- रवींद्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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मीरामार बीच गोवा की एक शाम!
अन्य स्थानों पर भ्रमण का विवरण तो लिखते ही रहते हैं, आज गोवा में मीरामार बीच पर सूर्यास्त और शाम के समय के कुछ चित्र शेयर कर रहा हूँ। आशा है आपको पसंद आएंगे- आज के लिए इतना ही, नमस्कार।
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संगीत की देवी स्वर-सजनी!
आज फिर से पुराने ब्लॉग का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है ये पुरानी ब्लॉग पोस्ट- ज़िंदगी सिर्फ मोहब्बत नहीं कुछ और भी है, ज़ुल्फ-ओ-रुखसार की जन्नत नहीं कुछ और भी है, भूख और प्यास की मारी हुई इस दुनिया में इश्क़ ही एक हक़ीकत नहीं, कुछ और भी है। तुम अगर नाज़…
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छुप न सकेगा इश्क़ हमारा, चारों तरफ है उनका नज़ारा!
कल एक गीत शेयर किया था, बहुत पुरानी ऐतिहासिक कैरेक्टर्स को लेकर बनाई गई फिल्म से, प्रेम की शक्ति को, प्रेम के हार न मानने वाले जज़्बे को दर्शाने वाला गीत था। असल में जब मुझे वह गीत याद आया तब मुझे जो फिल्म याद आ रही थी, वह थी- मुगल-ए-आज़म, पता नहीं क्यों ध्यान…
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कैसे नादान हैं, शोलों को हवा देते हैं!
आज एक बहुत पुरानी फिल्म और उसका एक गीत याद आ रहे हैं। आज का यह गीत है 1963 में रिलीज़ हुई फिल्म- ताज महल का, साहिर लुधियानवी जी के लिखे इस गीत को सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर जी ने रोशन जी के संगीत निर्देशन में अनूठे ढंग से गाया है। कुल मिलाकर इतना है…
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मन के पंछी उड़-उड़ हारे!
हिंदी कविताओं पर चर्चा करने के क्रम में मैंने पिछली बार, हिंदी कवि सम्मेलनों में अपने समय में धूम मचाने वाले एक कवि स्व. श्री गोपाल सिंह नेपाली जी की एक कविता शेयर की थी, आज उनकी एक और लोकप्रिय कविता आपको समर्पित कर रहा हूँ, एकाकी जीवन के अनुभव, जीवन का राही अपने अंदाज़…
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Unbiased news in India!
Again submitting my views on an #IndiSpire prompt. This time the point of discussion is “News” , and obviously it includes ‘views’ also. Most of the time our news channels are presenting 10% news and 90% views. It generally happens that when we listen to somebody discussing present Indian political situation, in a…
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घर तो रखवारों ने लूटा!
हिंदी कविता की जो श्रवण परंपरा रही है, कवि सम्मेलनों के माध्यम से लोगों तक पहुंचने की, उसमें बहुत से लोकप्रिय कवि रहे हैं और उन्होंने हिंदी कविता कोश को बहुत समृद्ध किया है। यह अलग बात है कि बाद में कवि सम्मेलन के मंच चुटकुलेबाजी को ज्यादा समर्पित हो गए, हालांकि आज भी कुछ…
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अंधेरी रात के दिल में दिये जला के जियो!
आज महेंद्र कपूर जी का गाया एक गीत शेयर करूंगा और इस बहाने से भी अपने प्रिय गायक मुकेश जी की तारीफ करूंगा। हाँ तो यह गीत 1967 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘हमराज़’ का है, गीत लिखा है साहिर लुधियानवी जी ने, जो ज़िंदगी में मुसीबतों का सामना हिम्मत के साथ करने का संदेश देता…