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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 10th Jun 2020

    समय की नंगी सलीबों पर, गले में अटकी हुईं फाँसें!

    आज मैं हिन्दी कविता और नवगीत के यशस्वी हस्ताक्षर श्री ओम प्रभाकर जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| वैसे तो मनुष्य को जीवन में आशावादी होना चाहिए, लेकिन एक कवि अपने समय की सभी स्थितियों को अभिव्यक्त करता है, विसंगतियों को उजागर करता है| इन अभिव्यक्तियों का मूल उद्देश्य इंसानियत को जगाना ही…

  • 9th Jun 2020

    जंगल के राजा सावधान!

    आज मैं हिन्दी कविता के एक महान स्तंभ स्वर्गीय भवानी प्रसाद मिश्र जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| भवानी दादा बातचीत के लहजे में कविता लिखने के लिए प्रसिद्ध थे| आपातकाल में वे प्रतिदिन तीन रचनाएँ लिखते थे, जिसे ‘त्रिकाल संध्या’ नाम से संकलित किया गया| मेरा सौभाग्य है कि मुझे दिल्ली की…

  • 8th Jun 2020

    तुझे मेरे गीत बुलाते हैं!

    हिन्दी फिल्मों के अनूठे गीतकार पंडित भारत व्यास जी का गीत आज शेयर कर रहा हूँ| भारत व्यास जी ने बहुत सुंदर गीत फिल्मों को दिए हैं, जैसे ‘ऐ मालिक तेरे बंदे हम’, ‘जीवन में पिया तेरा साथ रहे’, ‘बड़े प्यार से मिलना सबसे, दुनिया में इंसान रे’, ‘जरा सामने तो आओ छलिए’ आदि-आदि| आज…

  • 7th Jun 2020

    जैसे कोई हंस अकेला, आंगन में उतरे!

    आज हिन्दी नवगीत के अनूठे हस्ताक्षर माहेश्वर तिवारी जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| गीत-कविता आदि स्वयं ही अपनी बात कहते हैं, उसके बारे में अलग से कुछ कहने की आवश्यकता नहीं होती| किसी की याद को लेकर कितनी सुंदर अभिव्यक्ति इस गीत में दी गई है, आइए इस गीत का आनंद लेते…

  • 6th Jun 2020

    राहें हैं तमाशाई राही भी तमाशाई!

    आज विख्यात भारतीय शायर जनाब अली सरदार जाफरी साहब की एक गजल शेयर कर रहा हूँ| जाफरी साहब ने बहुत नायाब शायरी और गीत हम लोगों को दिए हैं| आपके अनेक गीत हिन्दी फिल्मों में सुपरहिट हुए हैं और इस गजल की तरह बहुत से गीत/गजलों को जगजीत सिंह जी और अन्य गायकों ने गाया…

  • 5th Jun 2020

    कल मेरी नींदों में छुपकर ,जाग रहा था जाने कौन!

    आज मैं फिर से निदा फाजली साहब की एक गजल शेयर कर रहा हूँ| निदा साहब मेरे प्रिय शायर रहे हैं, जहां उन्होने शायरी में अनेक प्रयोग किए हैं, वहीं कभी-कभी वे फकीर जैसे लगते हैं| कुछ पंक्तियाँ उनकी तो दिल में बसी रहती हैं, जैसे- ‘मैं रोया परदेस में भीगा माँ का प्यार, दिल…

  • 4th Jun 2020

    छोटी सी बांसुरी- रवीन्द्रनाथ ठाकुर

    आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…

  • 3rd Jun 2020

    वह अट्टहासों का धनी, अब मुस्कुराता तक नहीं!

    आज मैं एक बार फिर से अपने प्रिय कवियों में से एक रहे, स्वर्गीय किशन सरोज जी का एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ, ये बात मुझे बार-बार बतानी अच्छी लगती है कि मैंने कई बार उनको अपने आयोजनों में बुलाया था और वे बड़े आत्मीय भाव से गले मिलते थे| एक बात और बता…

  • 2nd Jun 2020

    Life lessons!

    Life- we all live it, with many hopes, we set several targets and are always trying to achieve them. Some people call it a journey, to many destinations which we might fix for ourselves from to time, but we know that it would terminate, sometimes suddenly and sometimes we might guess in advance, when the…

  • 1st Jun 2020

    चाँद से गिर के मर गया है वो!

    आज गुलज़ार साहब की एक नज़्म शेयर कर रहा हूँ, जो उनके संकलन यार जुलाहे से ली गई है| गुलज़ार शायरी, रंगमंच और फिल्मों की दुनिया का जाना-माना नाम है| वे विशेष रूप से शायरी में एक्सपेरीमेंट के लिए जाने जाते हैं| यह नज़्म भी कुछ अलग तरह की है| गुलज़ार साहब के संकलन ‘यार…

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