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Golden Bloggerz Award
I have been nominated for Golden Bloggerz Award by my fellow blogger Priya Ji, who writes very interesting and thought provoking blog posts, by the name ‘Priya’s Learning Centre’. She is a nice human being, a true friend and a creative blogger. Her blog posts are quite useful and inspiring. (https://priyaslearningcentre.com) What is the Golden…
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दीपक जलता रहा रात भर!
आज हिन्दी काव्य मंचों के एक अत्यंत लोकप्रिय गीतकार रहे स्वर्गीय गोपाल सिंह ‘नेपाली’ जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| नेपाली जी प्रेम और ओज दोनों प्रकार के गीतों के लिए जाने जाते थे| लीजिए प्रस्तुत है नेपाली जी यह गीत- तन का दिया, प्राण की बाती,दीपक जलता रहा रात-भर । दु:ख की…
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कोई हंगामा करो ऐसे गुज़र होगी नहीं!
दुष्यंत कुमार जी हिन्दी के श्रेष्ठ साहित्यिक कवि थे और आपात्काल के दौरान जब उन्होंने एक के बाद एक विद्रोह के स्वरों को गुंजाने वाली ग़ज़लें लिखीं, तब वे जनता के बीच बहुत लोकप्रिय हो गए| मुझे याद है उस समय कमलेश्वर जी साहित्यिक पत्रिका – ‘सारिका’ में निरंतर ये ग़ज़लें प्रकाशित करते थे और…
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मन का बुझा दीपक नहीं जलता!
ऐसे बहुत से लोग होते हैं जिनको अतीत में रहना बहुत अच्छा लगता है और अक्सर वे वर्तमान का सामना करने से बचने के लिए भी अतीत में डेरा डाल लेते हैं, क्योंकि वहाँ वे अपने आपको ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं| मेरे साथ ऐसा तो नहीं है, परंतु चाहे वह कविता की बात हो…
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पेलोलिम- गोवा की एक खूबसूरत ‘बीच’!
गोवा में रहते हुए कई वर्ष बीत चले, जब लोग यहाँ बाहर से घूमने के लिए आते हैं, तब उनका लक्ष्य होता है कि सीमित समय में जितना हो सकता है, उतना गोवा देख लें| मुख्य आकर्षण तो यहाँ के समुद्र-तट, यहाँ की खूबसूरत ‘बीच’ ही हैं, कुछ पुराने चर्च, फोर्ट आदि हैं, जहां फिल्मों…
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अणु-अणु का कंपन जान चली!
मैंने छायावाद युग के कीर्तिस्तंभ रहे महाकवियों पंत, प्रसाद और निराला जी की एक-एक रचना शेयर करते हुए उस युग की एक झलक दिखाने का प्रयास किया था| बाद में मुझे खयाल आया कि महादेवी जी को शामिल किए बिना तो छायावाद युग की एक झलक देना भी संभव नहीं है| फिर जैसे मैंने निराला…
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जब हम दोनो ज़ुदा हुए
आज फिर से पुरानी पोस्ट का दिन है, लीजिए मैं अपनी एक पुरानी पोस्ट, फिर से शेयर कर रहा हूँ| आज फिर से अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि लॉर्ड बॉयरन की एक और कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ। पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- हम…
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गीत ऋषि- देवेंद्र शर्मा ‘इंद्र’
आज के समय में काव्य-लेखन को साधना का नाम देने का कोई औचित्य दिखाई नहीं देता| आज अधिकांश लोग लिखना शुरू करते हैं तो उनके सामने एक लक्ष्य होता है, वह मंच हो या किसी अन्य प्रकार से प्रकाशन-प्रसारण आदि के माध्यम से कमाई और ख्याति अर्जित करना| इन परिस्थितियों में स्वर्गीय देवेंद्र शर्मा ‘इंद्र’…
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Faith, Belief and Motivation!
We humans are one of the millions of species that exist in the universe. We keep thinking about our life, aims and how to achieve our goals, how to succeed in life. Do we ever think whether other living beings also have some goals, dreams or aspirations in life and whether they are on the…
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थक गये हिरन चलते–चलते
आज एक बार फिर से मैं अपने एक अत्यंत प्रिय कवि रहे स्वर्गीय किशन सरोज जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| किशन जी को अनेक बार सुनने और अनेक बार उनसे मिलने का अवसर मिला, ये मेरा सौभाग्य था, अत्यंत सरल, सौम्य और शालीन व्यक्ति थे| आज की रचना, में किशन सरोज जी…