Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 23rd Apr 2022

    किताबों को हटाकर देखो!

    धूप में निकलो घटाओं में नहाकर देखोज़िन्दगी क्या है, किताबों को हटाकर देखो | निदा फ़ाज़ली

  • 23rd Apr 2022

    मन कुछ का कुछ और हो गया!

    स्वर्गीय रामानंद दोषी जी का एक गीत आज प्रस्तुत है| स्वर्गीय दोषी जी प्रसिद्ध साहित्यिक पत्रिका कादंबिनी के संपादक भी रहे थे और बहुत अच्छे गीतकार थे, मन की अवस्थाओं का चित्रण उन्होंने अपने कुछ गीतों में बड़ी बारीकी से किया है| उनका प्रसिद्ध गीत है- ‘मन होता है पारा, ऐसे देखा नहीं करो’| लीजिए…

  • 22nd Apr 2022

    तहे-गर्द होगा दबा हुआ!

    वही ख़त के जिसपे जगह-जगह, दो महकते होंठों के चाँद थे,किसी भूले बिसरे से ताक़ पर, तहे-गर्द होगा दबा हुआ। बशीर बद्र

  • 22nd Apr 2022

    वो दरख़्त अनार का क्या हुआ!

    वही शहर है वही रास्ते, वही घर है और वही लान भी,मगर इस दरीचे से पूछना, वो दरख़्त अनार का क्या हुआ । बशीर बद्र

  • 22nd Apr 2022

    मेहन्दियों से रचा हुआ!

    मुझे हादिसों ने सजा-सजा के, बहुत हसीन बना दिया,मेरा दिल जैसे दुल्हन का हाथ हो, मेहन्दियों से रचा हुआ। बशीर बद्र

  • 22nd Apr 2022

    कोई पेड़ प्यास से मर रहा है!

    कई मील रेत को काटकर, कोई मौज फूल खिला गई,कोई पेड़ प्यास से मर रहा है, नदी के पास खड़ा हुआ । बशीर बद्र

  • 22nd Apr 2022

    कहीं, आँसुओं से लिखा हुआ!

    जिसे ले गई अभी हवा, वे वरक़ था दिल की किताब का,कही आँसुओं से मिटा हुआ, कहीं, आँसुओं से लिखा हुआ। बशीर बद्र

  • 22nd Apr 2022

    न कहा हुआ न सुना हुआ!

    कोई फूल धूप की पत्तियों में, हरे रिबन से बंधा हुआ।वो ग़ज़ल का लहजा नया-नया, न कहा हुआ न सुना हुआ। बशीर बद्र

  • 22nd Apr 2022

    उसे भूलने की दुआ करो!

    अभी राह में कई मोड़ हैं, कोई आयेगा कोई जायेगा,तुम्हें जिसने दिल से भुला दिया, उसे भूलने की दुआ करो| बशीर बद्र

  • 22nd Apr 2022

    ये नये मिज़ाज का शहर है!

    कोई हाथ भी न मिलाएगा, जो गले मिलोगे तपाक से,ये नये मिज़ाज का शहर है, ज़रा फ़ासले से मिला करो| बशीर बद्र

←Previous Page
1 … 1,250 1,251 1,252 1,253 1,254 … 1,526
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,136 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar