Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 25th Oct 2021

    आवारगी 5

    ये दर्द की तनहाइयाँ, ये दश्त का वीराँ सफ़रहम लोग तो उकता गये अपनी सुना, आवारगी। मोहसिन नक़वी

  • 25th Oct 2021

    आवारगी 4

    इक अजनबी झोंके ने जब पूछा मेरे ग़म का सबबसहरा की भीगी रेत पर मैंने लिखा आवारगी। मोहसिन नक़वी

  • 25th Oct 2021

    आवारगी 3

    कल शब मुझे बेशक्ल सी आवाज़ ने चौंका दियामैंने कहा तू कौन है उसने कहा आवारगी। मोहसिन नक़वी

  • 25th Oct 2021

    आवारगी 2

    ये दिल, ये पागल दिल मेरा क्यों बुझ गया, आवारगीइस दश्त में इक शहर था वो क्या हुआ, आवारगी। मोहसिन नक़वी

  • 25th Oct 2021

    आवारगी 1

    अंदाज़ अपने देखते हैं आईने में वोऔर ये भी देखते हैं कि कोई देखता न हो। मोहसिन नक़वी

  • 25th Oct 2021

    चारों ओर मचान है!

    स्वर्गीय रमेश रंजक जी देश के अत्यंत सृजनधर्मी जनवादी नवागीतकार थे| अनेक बार उनको कवि गोष्ठियों में सुनने का अवसर मिला और मेरे लिए गर्व की बात है कि उन्होंने मेरा एक नवगीत अंतराल 4 में छपने के लिए भेजा था| रंजक जी के अनेक गीत किसी समय मुझे कंठस्थ थे, जैसे ‘बंधु रे हम…

  • 24th Oct 2021

    कच्ची दीवार हूं 5

    अपने रिश्ते की नज़ाकत का भरम रख लेना,में तो आशिक हूँ दिवाना न बनाना मुझको। असरार अंसारी

  • 24th Oct 2021

    कच्ची दीवार हूं 4

    वादा उतना ही करो जितना निभा सकती हो,ख्वाब पूरा जो न हो, वो न दिखाना मुझको। असरार अंसारी

  • 24th Oct 2021

    कच्ची दीवार हूं 3

    बात करने में जो मुश्किल हो तुम्हे महफिल में,मैं समझ जाऊंगा नज़रों से बताना मुझको। असरार अंसारी

  • 24th Oct 2021

    कच्ची दीवार हूं 2

    तुमको आंखों में तसव्वुर की तरह रखता हूं,दिल में धड़कन की तरह तुम भी बसाना मुझको। असरार अंसारी

←Previous Page
1 … 1,228 1,229 1,230 1,231 1,232 … 1,378
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar