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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 20th Apr 2026

    क्या बतलाएं हमने कैसे!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं श्री सोम ठाकुर जी की एक ग़ज़ल के दो शेर अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ-क्या बतलाएं हमने कैसे सांझ-सवेरे देखे हैं! आशा है आपको ये पसंद आएंगे,धन्यवाद। *****

  • 20th Apr 2026

    बरसा जो अब के अब्र!

    पिछले बरस हवेली हमारी खंडर हुई,बरसा जो अब के अब्र तो समझो खंडर गया| शीन काफ़ निज़ाम

  • 20th Apr 2026

    सूरज ही वो नहीं है!

    निकली है फ़ाल अब के अजब मेरे नाम की,सूरज ही वो नहीं है जो ढलने से डर गया| शीन काफ़ निज़ाम

  • 20th Apr 2026

    यूं हसरतों के दाग!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में फिल्म-‘अदालत’ के लिए लता मंगेशकर जी का गाया गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे राजेंद्र कृष्ण जी ने लिखा था और इसका संगीत मदन मोहन जी ने दिया था – यूं हसरतों के दाग मोहब्बत में धो लिए, खुद दिल से दिल की बात…

  • 20th Apr 2026

    नयी-नयी आँखें!

    आज भारत के महान शायर स्वर्गीय निदा फ़ाज़ली जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इनकी बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय निदा फ़ाज़ली जी की यह ग़ज़ल – नयी-नयी आँखें हों तो हर मंज़र अच्छा लगता हैकुछ दिन शहर में घूमे लेकिन, अब घर अच्छा…

  • 19th Apr 2026

    दुआ से असर गया!

    कोई दुआ कभी तो हमारी क़ुबूल कर, वर्ना कहेंगे लोग दुआ से असर गया| शीन काफ़ निज़ाम

  • 19th Apr 2026

    सितारों से भर गया!

    आँसू मिरे तो मेरे ही दामन में आए थे,आकाश कैसे इतने सितारों से भर गया| शीन काफ़ निज़ाम

  • 19th Apr 2026

    क्यूँ छोड़ कर गया!

    इस फ़िक्र ही में अपनी तो गुज़री तमाम उम्र,मैं उस को था पसंद तो क्यूँ छोड़ कर गया| शीन काफ़ निज़ाम

  • 19th Apr 2026

    इतना ज्यादा मत हंसना मेरे मन!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं श्री सोम ठाकुर जी का यह मुक्तक शेयर कर रहा हूँ- इतना ज्यादा मत हंसना मेरे मन! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****

  • 19th Apr 2026

    आँखों में रात ख़्वाब का!

    आँखों में रात ख़्वाब का ख़ंजर उतर गया,यानी सहर से पहले चराग़-ए-सहर गया| शीन काफ़ निज़ाम

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