Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 28th Oct 2021

    छुपेगा वो किसी बदली में!

    किसे खबर थी बढ़ेगी कुछ और तारीक़ी,छुपेगा वो किसी बदली में चांदनी की तरह। क़तील शिफाई

  • 28th Oct 2021

    अजनबी की तरह!

    किया है प्यार जिसे हमने ज़िंदगी की तरह,वो आशना भी मिला हमको अजनबी की तरह। क़तील शिफाई

  • 28th Oct 2021

    प्रश्न हूँ तुम्हारा ही!

    आज एक बार फिर से में प्रसिद्ध कवि, कथाकार, गीतकार, संस्मरण लेखक और धर्मयुग के यशस्वी संपादक रहे स्वर्गीय धर्मवीर भारती जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| जैसा मैंने उल्लेख किया भारती जी ने साहित्य की प्रत्येक विधा में और पत्रकारिता एवं संपादन में भी अपना अमूल्य योगदान दिया था| उनकी कुछ पंक्तियाँ…

  • 27th Oct 2021

    सूरज ठेकेदार सा!

    नदिया सींचे खेत को, तोता कुतरे आम,सूरज ठेकेदार सा, सबको बाँटे काम| निदा फाज़ली

  • 27th Oct 2021

    सपना झरना नींद का!

    सपना झरना नींद का, जागी आँखें प्यासपाना, खोना, खोजना, साँसों का इतिहास| निदा फाज़ली

  • 27th Oct 2021

    क्या मंगल क्या वीर!

    सातों दिन भगवान के, क्या मंगल क्या वीर,जिस दिन सोये देर तक, भूखा रहे फ़कीर | निदा फाज़ली

  • 27th Oct 2021

    तेरा मेरा प्यार!

    चाहे गीता बांचिए, या पढ़िए क़ुरआन,तेरा मेरा प्यार ही, हर पुस्तक का ज्ञान| निदा फाज़ली

  • 27th Oct 2021

    संगी बदले रूप!

    अच्छी संगत बैठकर, संगी बदले रूप,जैसे मिलकर आम से, मीठी हो गई धूप| निदा फाज़ली

  • 27th Oct 2021

    पूजा!

    सब की पूजा एक सी अलग अलग हर रीत, मस्जिद जाए मौलवी कोयल गाए गीत| निदा फाज़ली

  • 27th Oct 2021

    बाँहों भर संसार!

    छोटा करके देखिए जीवन का विस्तार,आँखों भर आकाश है, बाँहों भर संसार| निदा फाज़ली

←Previous Page
1 … 1,226 1,227 1,228 1,229 1,230 … 1,378
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar