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देखती ही रहो आज दर्पण ना तुम !
देखती ही रहो आज दर्पण ना तुम प्यार का ये महूरत निकल जाएगादेखती ही रहो आज दर्पण ना तुमप्यार का ये महूरत निकल जाएगा| नई उम्र की नई फसल
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पी जा हर अपमान!
आज एक बार फिर गीतों की दुनिया के एक पुराने हस्ताक्षर स्वर्गीय बाल स्वरूप ‘राही’ जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ | राही जी ने कुछ बहुत अच्छे गीतों और ग़ज़लों का उपहार हमें दिया है| उनको कवि सम्मेलनों में सुनने का भी अवसर मुझे मिला था, उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह थी…
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सारा जहां हमारा 6
पतला है हाल-ए-अपना, लेकिन लहू है गाढ़ाफौलाद से बना है, हर नौजवाँ हमारा| मिल-जुलके इस वतन को, ऐसा सजायेंगे हमहैरत से मुँह तकेगा सारा जहाँ हमारा| चीन-ओ-अरब हमारा … वो सुबह कभी तो आएगी
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सारा जहां हमारा 5
तालीम है अधूरी, मिलती नही मजूरीमालूम क्या किसीको, दर्द-ए-निहाँ हमाराचीन-ओ-अरब हमारा … फिर सुबह होगी
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सारा जहां हमारा 4
होने को हम कलन्दर, आते हैं बोरी बन्दरहर एक कुली यहाँ का है राज़दाँ हमाराचीन-ओ-अरब हमारा …
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सारा जहां हमारा 3
जितनी भी बिल्डिंगें थीं, सेठों ने बाँट ली हैंफ़ुटपाथ बम्बई के हैं आशियाँ हमारा|चीन-ओ-अरब हमारा … फिर सुबह होगी
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सारा जहां हमारा 2
खोली भी छिन गई है, बेन्चें भी छिन गई हैंसड़कों पे घूमता है अब कारवाँ हमाराजेबें हैं अपनी खाली, क्यों देता वरना गालीवो सन्तरी हमारा, वो पासबाँ हमाराचीन-ओ-अरब हमारा … फिर सुबह होगी
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सारा जहां हमारा 1
चीन-ओ-अरब हमारा, हिन्दोस्ताँ हमारारहने को घर नहीं है, सारा जहाँ हमाराचीन-ओ-अरब हमारा … फिल्म : फिर सुबह होगी
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ज़िंदगी, कैसी है पहेली!
फिल्म आनंद, जिसमें एक जमे हुए सुपर स्टार राजेश खन्ना थे और उनके सामने ये थे अपेक्षाकृत नए कलाकार अमिताभ बच्चन, लेकिन इस फिल्म से ही अमिताभ बच्चन ने भी दर्शकों के मन पर अपनी अमिट छाप छोड़ी थी| फिल्म आनंद में बहुत से लाजवाब गाने थे, जिनमें मुकेश जी का गाया गीत – ‘कहीं…