-
सूरज डूब गया बल्ली भर!
स्वर्गीय नरेंद्र शर्मा जी जाने माने साहित्यिक गीतकार थे, उन्होंने जहां अनेक साहित्यिक रचनाएं हमें दी हैं, वहीं फिल्मों के लिए भी उन्होंने अनेक मधुर गीत लिखे हैं| जहां तक मुझे याद है रामायण जैसे सीरियलों की तैयारी में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान था| जैसे उनका एक गीत था – ‘ज्योति कलश छलके’, उन्होंने ‘द्रौपदी’,’सुवर्णा’…
-
मोचीराम!
स्वर्गीय सुदामा प्रसाद ‘धूमिल’ जी की एक लंबी कविता का एक अंश आज प्रस्तुत कर रहा हूँ| धूमिल जी का अपना अलग ही अन्दाज़ था, आज की उनकी यह कविता उनकी प्रसिद्ध कविताओं में शामिल रही है, जिसमें वे एक मोची के माध्यम से कुछ महत्वपूर्ण बातें कह जाते हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय…
-
लक्षण सुबह के हैं!
मानो न मानो तुम ’उदय’ लक्षण सुबह के हैं,चमकीला तारा कोई नहीं आसमान में। उदय प्रताप सिंह