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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 12th Mar 2022

    रिहा होने से डरता है!

    अज़ब ये ज़िन्दगी की क़ैद है, दुनिया का हर इन्सां,रिहाई मांगता है और रिहा होने से डरता है| राजेश रेड्डी

  • 12th Mar 2022

    कब ख़ुदा होने से डरता है!

    न बस में ज़िन्दगी इसके न क़ाबू मौत पर इसका,मगर इन्सान फिर भी कब ख़ुदा होने से डरता है| राजेश रेड्डी

  • 12th Mar 2022

    बड़ा होने से डरता है!

    मेरे दिल के किसी कोने में इक मासूम-सा बच्चा,बड़ों की देख कर दुनिया बड़ा होने से डरता है| राजेश रेड्डी

  • 12th Mar 2022

    फ़ना होने से डरता है!

    यहाँ हर शख़्स हर पल हादिसा होने से डरता है,खिलौना है जो मिट्टी का फ़ना होने से डरता है| राजेश रेड्डी

  • 12th Mar 2022

    बस खुद से अनजान हूँ मैं!

    खूब हूँ वाकिफ़ दुनिया से,बस खुद से अनजान हूँ मैं| राजेश रेड्डी

  • 12th Mar 2022

    खोई हुई पहचान हूँ मैं!

    चेहरों के इस जंगल में,खोई हुई पहचान हूँ मैं| राजेश रेड्डी

  • 12th Mar 2022

    क्यूँ इतना आसान हूँ मैं!

    इतनी मुश्किल दुनिया में,क्यूँ इतना आसान हूँ मैं| राजेश रेड्डी

  • 12th Mar 2022

    देख के ख़ुद हैरान हूँ मैं!

    ज़िन्दा हूँ सच बोल के भी,देख के ख़ुद हैरान हूँ मैं| राजेश रेड्डी

  • 12th Mar 2022

    मुझको पढ़ इंसान हूँ मैं!

    गीता हूँ कुरआन हूँ मैं,मुझको पढ़ इंसान हूँ मैं| राजेश रेड्डी

  • 12th Mar 2022

    रुक जा रात ठहर जा रे चंदा!

    स्वर्गीय शैलेन्द्र जी का एक सुंदर गीत आज प्रस्तुत कर रहा हूँ| फिल्म- ‘दिल एक मंदिर’ के लिए इस गीत का संगीत शंकर जयकिशन की सुरीली जोड़ी ने दिया था और सुर सम्राज्ञी स्वर्गीय लता मंगेशकर जी ने अपनी मधुर वाणी में गाकर इस गीत को अमर कर दिया है| लीजिए आज प्रस्तुत हैं इस…

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