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सर मिरे सीने पे !
सर मिरे सीने पे उस ने जब रखा है ज़िंदगी,इस तरह दरिया-ए-दिल को वो रवानी दे गया| नज़र कानपुरी
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शिशु देवदूत – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट को दोहराने का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है यह पोस्ट| आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद…
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जाते जाते वो मुझे !
जाते जाते वो मुझे अपनी निशानी दे गया,ज़िंदगी-भर के लिए आँखों में पानी दे गया| नज़र कानपुरी
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जंग लाज़िम हो तो!
ज़िंदा रहना है तो हालात से डरना कैसा,जंग लाज़िम हो तो लश्कर नहीं देखे जाते| मेराज फ़ैज़ाबादी
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अब ये बिकते हुए!
वज़’-दारी तो बुज़ुर्गों की अमानत है मगर,अब ये बिकते हुए ज़ेवर नहीं देखे जाते| मेराज फ़ैज़ाबादी
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कहाँ तो तय था चरागां
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि दुष्यंत कुमार जी द्वारा आपातकाल में लिखी गई ग़ज़लों में से एक प्रस्तुत कर रहा हूँ, ये ग़ज़लें ‘साए में धूप’ नामक संग्रह में प्रकाशित की गई थीं- कहाँ तो तय था चरागां हर एक घर के लिए! आशा है आपको यह पसंद आएगी,…
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उस से मिलना है तो!
उस से मिलना है तो फिर सादा-मिज़ाजी से मिलो,आईने भेस बदल कर नहीं देखे जाते| मेराज फ़ैज़ाबादी
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भीगती आँखों के मंज़र!
भीगती आँखों के मंज़र नहीं देखे जाते,हम से अब इतने समुंदर नहीं देखे जाते| मेराज फ़ैज़ाबादी
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दुनिया बनाने वाले !
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं तीसरी क़सम फिल्म के लिए मुकेश जी का गाया यह गीत अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ- दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में समाई,काहे को दुनिया बनाई। आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। *******