Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 20th Aug 2022

    दान!

    आज मैं छायावाद युग के एक और प्रमुख कवि स्वर्गीय सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| निराला जी ‘राम की शक्ति पूजा’ तथा अन्य अनेक ऐसी श्रेष्ठ रचनाएं लिखकर भारतीय साहित्य में अमर हो गए थे| आज की रचना में ढोंगी दानवीरों को दर्शाया गया है जो हट्टे-कट्टे बंदरों को…

  • 19th Aug 2022

    अब ख़ुशी है न कोई!

    अब ख़ुशी है न कोई दर्द रुलाने वाला, हमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला| निदा फ़ाज़ली

  • 19th Aug 2022

    नहीं हो तो बुझ जाना चाहिए!

    बिजली का क़ुमक़ुमा न हो काला धुआँ तो हो, ये भी अगर नहीं हो तो बुझ जाना चाहिए| निदा फ़ाज़ली

  • 19th Aug 2022

    कोई दीवाना चाहिए!

    चुप चुप मकान रास्ते गुम-सुम निढाल वक़्त, इस शहर के लिए कोई दीवाना चाहिए| निदा फ़ाज़ली

  • 19th Aug 2022

    भटक जाना चाहिए!

    अपनी तलाश अपनी नज़र अपना तजरबा, रस्ता हो चाहे साफ़ भटक जाना चाहिए| निदा फ़ाज़ली

  • 19th Aug 2022

    लोगों से याराना चाहिए!

    चौराहे बाग़ बिल्डिंगें सब शहर तो नहीं, कुछ ऐसे वैसे लोगों से याराना चाहिए| निदा फ़ाज़ली

  • 19th Aug 2022

    घटा को बरस जाना चाहिए!

    झुकती हुई नज़र हो कि सिमटा हुआ बदन, हर रस-भरी घटा को बरस जाना चाहिए| निदा फ़ाज़ली

  • 19th Aug 2022

    ख़ुद से उलझ जाना चाहिए!

    यूँ तो क़दम क़दम पे है दीवार सामने, कोई न हो तो ख़ुद से उलझ जाना चाहिए| निदा फ़ाज़ली

  • 19th Aug 2022

    जिए जाना चाहिए!

    दरिया हो या पहाड़ हो टकराना चाहिए, जब तक न साँस टूटे जिए जाना चाहिए| निदा फ़ाज़ली

  • 19th Aug 2022

    मंदिर!

    लंबे समय के बाद आज फिर से मैं छायावाद युग के प्रमुख कवि स्वर्गीय जयशंकर प्रसाद जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| प्रसाद जी की अनेक रचनाएं राष्ट्र की धरोहर हैं| इस कविता में ईश्वर के प्रति, आस्था के प्रति प्रश्न उठाने वाले लोगों को प्रसाद जी ने समुचित उत्तर दिया है, भले…

←Previous Page
1 … 1,023 1,024 1,025 1,026 1,027 … 1,386
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar