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धीरे धीरे बोल कोई सुन ना ले!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- धीरे धीरे बोल कोई सुन ना ले!मुख्य कलाकार- राजेन्द्र कुमार, हेमा मालिनीफ़िल्म- गोरा और कालागीतकार- आनंद बक्षीसंगीतकार- लक्ष्मीकांत प्यारेलालगायक- मुकेश- लता मंगेशकरप्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद । *****
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आनेवाला खतरा!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि और समाचार पत्रिका ‘दिनमान’ के संपादक रहे स्वर्गीय रघुवीर सहाय जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। रघुवीर सहाय जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय रघुवीर सहाय जी की यह कविता – इस लज्जित और पराजित युग मेंकहीं से ले आओ…
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फूल बनाने की उम्र है!
ग़ुर्बत को क्यूँ न मैं भी शरारत का नाम दूँ,दीवार-ओ-दर पे फूल बनाने की उम्र है| अज़हर फ़राग़
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परखना मत परखने से कोई अपना नहीं रहता!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में ज़नाब बशीर बद्र जी का एक प्रसिद्ध शेर- आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
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बाम पे आने की उम्र है!
ले आई छत पे क्यूँ मुझे बे-वक़्त की घुटन,तेरी तो ख़ैर बाम पे आने की उम्र है| अज़हर फ़राग़
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बहुत पहले से उन कदमों की आहट जान लेते हैं!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं फ़िराक़ गोरखपुरी जी की यह खूबसूरत ग़ज़ल अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ- यह फ़िराक़ गोरखपुरी जी की प्रसिद्ध ग़ज़ल है जिसे जगजीत-चित्रा की जोड़ी ने बहुत खूबसूरती से गाया है। ग़ज़ल- बहुत पहले से उन कदमों की आहट जान लेते हैं!शायर – फ़िराक़ गोरखपुरीगायक- जगजीत…
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मन कुछ का कुछ हो गया!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय रामानंद दोषी जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। दोषी जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय रामानंद दोषी जी का यह गीत – मन कुछ का कुछ और हो गया आई पाती आज तुम्हारी चाँद उगा कोई उन्मन हैऔर किसी…