Category: Uncategorized
-
दो मुझ को बद-दुआ!
यारो कहाँ तक और मोहब्बत निभाऊँ मैं, दो मुझ को बद-दुआ’ कि उसे भूल जाऊँ मैं| क़तील शिफ़ाई
-
कन-कन तुम्हें जी कर!
आज एक बार फिर से मैं देश के प्रसिद्ध साहित्यकार और धर्मयुग पत्रिका के यशस्वी संपादक रहे स्वर्गीय धर्मवीर भारती जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| भारती जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय धर्मवीर भारती जी का यह गीत – अतल गहराई तकतुम्ही…