Category: Uncategorized
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इक पैग़ाम होता है!
हमेशा के लिए दुनिया में दो दिल मिल नहीं सकते, नज़र मिलना जुदाई का ही इक पैग़ाम होता है| राजा मेहदी अली ख़ाँ
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यही अंजाम होता है!
मोहब्बत करने वालों का यही अंजाम होता है, तड़पना उन की क़िस्मत में तो सुब्ह-ओ-शाम होता है| राजा मेहदी अली ख़ाँ
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चेहरे!
आज मैं हिन्दी के एक विख्यात साहित्यकार श्री राम दरश मिश्र जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| मिश्र जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री राम दरश मिश्र जी की यह कविता – आपके संगमरमरी मकान का दरवाज़ापारदर्शी शीशे का हैउसमें से बाहर के…
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गीतों से पहले!
आज मैं हिन्दी के एक विख्यात नवगीतकार श्री रवींद्र भ्रमर जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| भ्रमर जी की अधिक रचनाएं शायद मैंने पहले शेयर नहीं की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री रवींद्र भ्रमर जी का यह गीत – पँछी में गाने का गुन हैदो तिनके चुनकरवह तृप्त जहाँ होता हैगीतों की…