Category: Uncategorized
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श्रीकृष्ण शर्मा ‘अशेष’ की रचनायें-9
मेरी उपलब्ध रचनाएं यहाँ शेयर करने का आज नौवां दिन है, जिस क्रम में कविताएं पहले शेयर की हैं, उसी क्रम में उनको लेकर यहाँ पुनः एक साथ शेयर कर रहा हूँ। जैसा मैंने पहले भी बताया है, हमेशा ‘श्रीकृष्ण शर्मा’ नाम से रचनाएं लिखता रहा, उनका प्रकाशन/ प्रसारण भी हमेशा इसी नाम से हुआ,…
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मेरा नाम लिखा गया
मुझे लिखने वाला लिखे भी क्या मुझे पढ़ने वाला पढ़े भी क्या, जहाँ मेरा नाम लिखा गया वहीं रौशनाई उलट गई| बशीर बद्र
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बदन से लिपट गई
तिरी याद आए तो चुप रहूँ ज़रा चुप रहूँ तो ग़ज़ल कहूँ, ये ‘अजीब आग की बेल थी मिरे तन-बदन से लिपट गई| बशीर बद्र
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ये ज़मीन कितनी सिमट गई
मिरी ज़िंदगी भी मिरी नहीं ये हज़ार ख़ानों में बट गई, मुझे एक मुट्ठी ज़मीन दे ये ज़मीन कितनी सिमट गई| बशीर बद्र
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श्रीकृष्ण शर्मा ‘अशेष’ की रचनायें-8
मेरी उपलब्ध रचनाएं यहाँ शेयर करने का आज आठवां दिन है । इसके लिए मैं अपनी ब्लॉग पोस्ट्स में जिस क्रम में कविताएं पहले शेयर की हैं, उसी क्रम में उनको लेकर यहाँ पुनः एक साथ शेयर कर रहा हूँ। जैसा मैंने पहले भी बताया है, हमेशा ‘श्रीकृष्ण शर्मा’ नाम से रचनाएं लिखता रहा, उनका…