Category: Uncategorized
-
इश्क़ में कितना नाम!
मुझ गुमनाम से पूछते हैं फ़रहाद ओ मजनूँ,इश्क़ में कितना नाम कमाया जा सकता है| अब्बास ताबिश
-
आज तुम से बिछड़ रहा हूँ!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि और शायर स्वर्गीय सुदर्शन फ़ाकिर जी की एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ। फ़ाकिर जी की अनेक रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री स्वर्गीय सुदर्शन फ़ाकिर जी की यह ग़ज़ल – आज तुम से बिछड़ रहा हूँआज कहता हूँ फिर मिलूँगा तुम सेतुम मेरा…
-
दिल पर पानी पीने!
दिल पर पानी पीने आती हैं उम्मीदें, इस चश्मे में ज़हर मिलाया जा सकता है| अब्बास ताबिश
-
हर इक दुआ के!
हर इक दुआ के मुक़द्दर में कब हुज़ूरी है,तमाम ग़ुंचे तो ‘अमजद’ खिला नहीं करते। अमजद इस्लाम अमजद
-
ऐसी दुआ नहीं करते!
जो हम पे गुज़री है जानाँ वो तुम पे भी गुज़रे,जो दिल भी चाहे तो ऐसी दुआ नहीं करते। अमजद इस्लाम अमजद
-
सो बात बात पे यूँ!
जहाँ हो प्यार ग़लत-फ़हमियाँ भी होती हैं,सो बात बात पे यूँ दिल बुरा नहीं करते। अमजद इस्लाम अमजद
-
बस यही अपराध !
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि तथा फिल्मों के लिए अनेक अमर गीत लिखने वाले पद्मश्री गोपाल दास नीरज जी का एक फिल्मी गीत शेयर कर रहा हूँ। यह गीत मेरे प्रिय गायक मुकेश जी ने गाया था और फिल्म- पहचान के लिए इस गीत का संगीत शंकर जयकिशन जी ने दिया था। नीरज जी की…
-
वफ़ा की आँच सुख़न!
वफ़ा की आँच सुख़न का तपाक दो इन को,दिलों के चाक रफ़ू से सिला नहीं करते। अमजद इस्लाम अमजद