Category: Uncategorized
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मगर वो कोई !
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में सुदर्शन फाकिर जी की ग़ज़ल का अंतिम शेर-मगर वो कोई फैसला तो सुना दे! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *******
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ग़म-ए-दिल रुख़ से!
ग़म-ए-दिल रुख़ से अयाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं,इश्क़ रुस्वा-ए-जहाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं| साहिर होशियारपुरी
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फ़ासला लगे है मुझे!
अब एक आध क़दम का हिसाब क्या रखिए,अभी तलक तो वही फ़ासला लगे है मुझे| जाँ निसार अख़्तर
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स्पर्श!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय कैलाश वाजपेयी जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। वाजपेयी जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत हैं स्वर्गीय कैलाश वाजपेयी जी की यह कविता- एक भूखा समुद्र थाहर क्षण गरजतापछाड़ें खाता हुआकहते हैं कभी एक भूखा समुद्र थाबड़ी-बड़ी नदियों को चूसकर (पैरों…
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ख़यालों में किसी के!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- ख़यालों में किसी के इस तरह आया नहीं करते !फिल्म- बावरे नैनमुख्य कलाकार- राज कपूर, गीता बाली गीतकार- केदार शर्मा संगीतकार- रोशन गायक- मुकेश , गीता दत्त प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *******
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बिखर गया है कुछ!
बिखर गया है कुछ इस तरह आदमी का वजूद,हर एक फ़र्द कोई सानेहा लगे है मुझे| जाँ निसार अख़्तर
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ख़ौफ़ सा लगे है मुझे!
न जाने वक़्त की रफ़्तार क्या दिखाती है,कभी कभी तो बड़ा ख़ौफ़ सा लगे है मुझे| जाँ निसार अख़्तर
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पहचानता लगे है मुझे!
मैं सोचता था कि लौटूँगा अजनबी की तरह,ये मेरा गाँव तो पहचानता लगे है मुझे| जाँ निसार अख़्तर
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क़यामत के दीवाने!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में सुदर्शन फाकिर जी का एक और शेर – क़यामत के दीवाने कहते हैं हमसे! आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। *******
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वो ख़ुद भी बात करे !
मैं जब भी उस के ख़यालों में खो सा जाता हूँ,वो ख़ुद भी बात करे तो बुरा लगे है मुझे| जाँ निसार अख़्तर