Category: Uncategorized
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नदियों को उछाले!
वक़्त नदियों को उछाले कि उड़ाए पर्बत,उम्र का काम गुज़रना है गुज़र जाएगी| निदा फ़ाज़ली
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कोई और छाँव देखेंगे!
आज मैं हिंदी के श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय ताराप्रकाश जोशी जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ। ताराप्रकाश जोशी जी की रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय ताराप्रकाश जोशी जी की यह कविता – कोई और छाँव देखेंगेलाभों घाटों की नगरी तजचल दें, और गाँव देखेंगे । सुबह सुबह…
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वक़्त बदला तो तिरी!
मेरी ग़ुर्बत को शराफ़त का अभी नाम न दे,वक़्त बदला तो तिरी राय बदल जाएगी| निदा फ़ाज़ली