Category: Uncategorized
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पीले फूल कनेर के!
आज मैं विख्यात हिन्दी कवि स्वर्गीय नरेश मेहता जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| मेहता जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय नरेश मेहता जी का यह नवगीत – पीले फूल कनेर केपट अंगोरते सिन्दूरी बड़री अँखियन केफूले फूल दुपेर के। दौड़ी हिरनाबन-बन अंगनावोंत वनों…
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आगे गहन अन्धेरा है!
आज मैं विख्यात हिन्दी कवि स्वर्गीय नेमिचन्द्र जैन जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| नेमिचन्द्र जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय नेमिचन्द्र जैन जी की यह कविता – आगे गहन अन्धेरा है, मन रुक-रुक जाता है एकाकीअब भी है टूटे प्राणों में किस छबि…