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बस तेरा प्यार था जो!
आवागमन की क़ैद से क्या छूटता कभी,बस तेरा प्यार था जो छुड़ा ले गया मुझे। कृष्ण बिहारी नूर
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कोई चुरा ले गया मुझे!
इक जान-दार लाश समझिए मिरा वजूद,अब क्या धरा है कोई चुरा ले गया मुझे। कृष्ण बिहारी नूर
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हो वापसी अगर!
हो वापसी अगर तो इन्हें रास्तों से हो,जिन रास्तों से प्यार तिरा ले गया मुझे। कृष्ण बिहारी नूर
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वो मना ले गया मुझे!
अब उस को अपनी हार कहूँ या कहूँ मैं जीत,रूठा हुआ था मैं वो मना ले गया मुझे। कृष्ण बिहारी नूर
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पलकों की ओट में!
पलकों की ओट में वो छुपा ले गया मुझे,या’नी नज़र नज़र से बचा ले गया मुझे। कृष्ण बिहारी नूर
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ये क़िस्सा क्या है!
वो जो क़िस्से में था शामिल वही कहता है मुझे,मुझ को मालूम नहीं यार ये क़िस्सा क्या है| हस्तीमल हस्ती
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उन से बन जाते हैं!
बैठते जब हैं खिलौने वो बनाने के लिए,उन से बन जाते हैं हथियार ये क़िस्सा क्या है| हस्तीमल हस्ती
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सामने कोई भँवर है!
सामने कोई भँवर है न तलातुम फिर भी,छूटती जाए है पतवार ये क़िस्सा क्या है| हस्तीमल हस्ती