Category: Uncategorized
-
काँटा हुई तुलसी!
आज मैं हिंदी के श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय कैलाश गौतम जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। कैलाश जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय कैलाश गौतम जी का यह नवगीत – लहलहाते खेत जैसे दिन हमारेथार कच्चा खा गए । सूखकर काँटा हुई तुलसीहमारी आस्थाधर्म…
-
ये भी बड़ा करम है !
ये भी बड़ा करम है सलामत है जिस्म अभी,ऐ ख़ुसरवान-ए-शहर क़बाएँ मुझे न दो| अहमद फ़राज़
-
दुआएँ मुझे न दो!
जो ज़हर पी चुका हूँ तुम्हीं ने मुझे दिया, अब तुम तो ज़िंदगी की दुआएँ मुझे न दो| अहमद फ़राज़
-
सदाएँ मुझे न दो!
शो’ला था जल-बुझा हूँ हवाएँ मुझे न दो,मैं कब का जा चुका हूँ सदाएँ मुझे न दो| अहमद फ़राज़
-
सब ख़्वाहिशें पूरी हों !
सब ख़्वाहिशें पूरी हों ‘फ़राज़’ ऐसा नहीं है,जैसे कई अशआर मुकम्मल नहीं होते| अहमद फ़राज़
-
आईना मुझसे मेरी !
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं आज अपने स्वर में डैडी फिल्म के लिए तलत अज़ीज़ साहब का गाया यह गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ- आईना मुझसे मेरी पहली सी सूरत मांगे! आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद । ******
-
हास्य कविता- चंद्रमुखी
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं ओमप्रकाश आदित्य जी की हास्य कविता चंद्रमुखी प्रस्तुत कर रहा हूँ। आशा है आपको पसंद आएगी,धन्यवाद। *****
-
पिता के नाम!
आज फिर से मेरी एक पुरानी रचना प्रस्तुत है, आप सुधीजनों की सम्मति चाहूंगा- हे पितायदि हो कहीं, तो क्या लिखूं तुमकोबस यही, जो जिस तरह थाउस तरह ही है। पत्र है अभिवादनों की शृंखला केवलहम अभी जीवित बचे हैं, यह बताने को,और आश्वासन इसी अनुरूप पाने को,मैं न मानूं किंतु प्रचलनइस तरह ही है।…