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रिंद का साक़ी का!
मोहतसिब की ख़ैर ऊँचा है उसी के फ़ैज़ से,रिंद का साक़ी का मय का ख़ुम का पैमाने का नाम| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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इन दिनों बदनाम है!
अब किसी लैला को भी इक़रार-ए-महबूबी नहीं,इन दिनों बदनाम है हर एक दीवाने का नाम| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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कॉलेज स्टूडेंट
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं काका हाथरसी जी की एक हास्य कविता अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ- आशा है आपको यह पसंद आएगी, धन्यवाद ****
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ऐसी लागी लगन!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अनूप जलोटा जी का गाया यह प्रसिद्ध भजन अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ- ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगनवो तो गली-गली हरि गुण गाने लगी। आशा है आपको पसंद आएगा, धन्यवाद । ******
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पानी में घिरे हुए लोग!
आज मैं हिंदी के श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय केदारनाथ सिंह जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इनकी बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय केदारनाथ सिंह जी की यह कविता – पानी में घिरे हुए लोगप्रार्थना नहीं करतेवे पूरे विश्वास से देखते हैं पानी कोऔर एक दिनबिना…
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मौसम-ए-गुल है!
रंग पैराहन का ख़ुशबू ज़ुल्फ़ लहराने का नाम,मौसम-ए-गुल है तुम्हारे बाम पर आने का नाम| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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तरह तरह की तलब!
अगर शरर है तो भड़के जो फूल है तो खिले,तरह तरह की तलब तेरे रंग-ए-लब से है| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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कलाम तुझसे नज़र!
हुआ है जब से दिल-ए-ना-सुबूर बे-क़ाबू,कलाम तुझ से नज़र को बड़े अदब से है| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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किसी का दर्द हो!
किसी का दर्द हो करते हैं तेरे नाम रक़म,गिला है जो भी किसी से तिरे सबब से है| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़