Category: Uncategorized
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What do I forget very often?
I remember the title of the first part of the autobiography written by famous Hindi poet- Dr. Harivansh Rai Bachchan Ji, the late father of veteran actor- Sh. Amitabh Bachchan Ji. Dr. Bachchan wrote his autobiography in three parts and naturally the first part would include the incidents of very early life, which in many…
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Teacher- Who should choose this profession?
It has become a fashion now a days, that we associate some days to a particular type of activities, persons may be children, older people, ladies, a kind of relation etc. etc. We ceremoniously give great honour and respect to say ladies, though they might be suffering a lot in life in real, but while…
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नींद चुराने वाली- रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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वफ़ा की राह में घायल वो प्यार आज भी है!
आज एक अलग किस्म का गीत याद आ रहा है। अलग तरह का इसके पुरुष गायक के कारण! जी हाँ, जब गायक लोग स्टेज प्रोग्राम में गाते हैं, तो अक्सर यह चेक करते हैं कि साउंड सिस्टम में पर्याप्त ‘ईको’ है या नहीं, जिससे उनकी आवाज उभरकर आए। यह गीत है आशा भौंसले जी और…
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चूल्हे आग न घड़े दे विच पानी!
दो-तीन दिन के लिए गोवा छोड़कर, बेटे के पास बंगलौर में हूँ, जिसने नई नौकरी जॉइन की है और इसलिए वह कुछ समय के लिए फोर्स्ड बेचलर भी है। टाउनशिप कहें या नेबरहुड कहें, कैसे-कैसे बसने लगे हैं, शहर के अंदर एक नया नगर, जहाँ यह प्रयास है कि निवासियों को अपनी ज़रूरतों के लिए…
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क्या मेरे हक़ में फ़ैसला देगा!
हम अपने जीवन में बहुत सी अच्छी कविताएं और गज़लें सुनते हैं, उनका आनंद लेते हैं। कुछ गीत पंक्तियां, कुछ शेर ऐसे हो जाते हैं जिनको अक्सर ‘उद्धृत’ किया जाता है, लोग अपनी बात पर बल देने के लिए उनको ‘क़ोट’ करते हैं। अभी आज ही किसी राजनैतिक बहस में किसी ने एक शेर पढ़…
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WOW: Faith is very important thread in the garland of life!
Today we discuss here something that binds the whole world together. Our life, relations, friends all would become meaningless if we lose faith in them. I read about a tribe somewhere in the world. They dance together when there is no rain, for making it rain and their resolve is such that they keep dancing…
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अपनी सुना आवारगी!
आज गुलाम अली जी की गायी एक ऐसी गज़ल शेयर कर रहा हूँ, जिसको सुनकर विशेष रूप से मेरी गुलाम अली जी की गायकी में विशेष रुचि पैदा हुई थे, यह वर्ष 1980 के आसपास की बात है शायद। इससे पहले भी अनेक गज़ल गायकों को सुना था, जिनमें पाकिस्तान में मेहंदी हसन जी बहुत…
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53. पहाड़ों के क़दों की खाइयां हैं!
आज फिर से, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग| आज दुष्यंत कुमार जी का एक शेर याद आ रहा है- पहाडों के क़दों की खाइयां हैं बुलंदी पर बहुत नीचाइयां हैं। यह शेर दुष्यंत जी की एक गज़ल से है, जो आपातकाल के दौरान प्रकाशित हुए उनके संकलन ‘साये में धूप’ में शामिल था…
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प्रतीक्षा- रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…