Category: Uncategorized
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लो जी आने वाली है फिर नई सरकार!
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया अपने अंतिम पड़ाव है। अंतिम चरण का मतदान 19 मई को होना है और कल 17 मई को प्रचार बंद हो गया। दीदी के बंगाल में तो उनके साहसिक कार्यों के कारण एक दिन पहले ही प्रचार समाप्त हो गया था। बहुत सारे दूल्हे हैं इस बारात…
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विनत प्रणाम – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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वहशी को सुकूँ से क्या मतलब जोगी का नगर में ठिकाना क्या !
आज इब्न-ए-इंशा जी की एक गज़ल शेयर कर रहा हूँ। विख्यात गज़लकार और हास्य लेखक- इब्न-ए-इंशा जी का जन्म पाकिस्तान में हुआ था। उनकी अनेक गज़लें बहुत लोकप्रिय हुई हैं और विख्यात गज़ल गायकों ने इन्हें गाया है। उनकी इस गज़ल के बारे में विशेष बात यह कि यह गज़ल ‘इंशा जी अब कूच करो’ ज़नाब अमानत…
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60. बच्चों के लिए जो धरती मां, सदियों से सभी कुछ सहती है!
आज फिर से पुराने ब्लॉग का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग- सभी को समान अवसर मिले, यह कम्युनिस्टों का नारा हो सकता है, लेकिन इस विचार पर उनका एकाधिकार नहीं है। भारतीय विचार इससे कहीं आगे की बात करता है, हम समूचे विश्व को अपना परिवार मानते हैं। एक विचार जो…
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न्यायाधीश- रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत…
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पहले दिन का सूरज- रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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जंगल में दूर-दूर हवा का पता न था!
आज ऐसे ही मन हुआ कि अभिव्यक्ति के इस मार्ग से जुड़ी एक गज़ल के बारे में बात कर लें, जिस पर मैं मानता हूँ कि मैं और मुझ जैसे बहुत सारे लोग चलते हैं। एक गज़ल याद आ रही है ज़नाब मुमताज़ राशिद जी की। वैसे तो यह किसी भी नये मार्ग पर चलने…
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Dream, Toil and Keep Happy for Success
To succeed in life you need three things: a wishbone, a backbone and a funny bone – Reba Mc Entire – Can you relate to this quote? #ThreeBones Again it is time to express my views based on the above prompt on #IndiSpire. Yes this is a quote by Reba Mc Entire, which says that…
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58. वहाँ पैदल ही जाना है…..!
आज फिर से पुराने ब्लॉग का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग- आज ऐसे ही, गीतकार शैलेंद्र जी की याद आ गई। मुझे ये बहुत मुश्किल लगता है कि किसी की जन्मतिथि अथवा पुण्यतिथि का इंतज़ार करूं और तब उसको याद करूं। मैंने कहीं पढ़ा था कि शैलेंद्र जी इप्टा से जुड़े…
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मौसम ये भारतीय चुनावों का!
बहुत दिनों से तत्कालीन परिवेश पर कोई आलेख नहीं लिखा है। जबकि आजकल दो स्पर्द्धाएं बड़े जोर-शोर से चल रही हैं। एक स्पर्धा में तो युवाओं की विशेष रुचि है, वह है- आईपीएल, जिसमें बहुत से देशों के खिलाड़ी भारत के किसी नगर, किसी क्षेत्र विशेष के नाम से जानी जाने वाली किसी एक टीम…