Category: Uncategorized
-
नरकासुर वध!
हमारा देश त्यौहारों का देश है| हर समय, कहीं न कहीं कोई त्यौहार मनाया जा रहा होता है| दशहरा और दीपावली हमारे प्रमुखतम त्यौहारों में शामिल हैं| दशहरे के अवसर पर जहां उत्तर भारत में रामलीला होती है, वहीं पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की धूम होती है| बहुत से लोग नौ दिन तक उपवास…
-
लीडर याने जांबवंत!
दीपावली आ रही है, श्रीराम जी के लंका पर विजय के बाद, और वनवास की अवधि पूरी होने पर अयोध्या लौटने पर खुशी का पर्व, जिसमें अमावस्या की काली रात को दीयों और रोशनी से जगमग कर दिया जाता है| मुझे अचानक याद आया कि लंका विजय से पहले किसी दूत को वहाँ जाना था,…
-
बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की!
हिन्दुस्तानी उर्दू शायरी के एक प्रसिद्ध हस्ताक्षर हैं- ज़नाब बशीर बद्र जी| वे शायरी में एक्सपेरीमेंट करने के लिए जाने जाते हैं| मुशायरों को लूटने वाले बशीर जी की गज़लें अक्सर लोग गुनगुनाते हैं| उनका यह शेर –‘उजाले अपनी यादों के हमारे पास रहने दो, न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए’,…
-
मैं प्यार का परवाना!
आज एक बार फिर मैं अपने प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक और गीत शेयर कर रहा हूँ| मजे की बात ये है कि यह गीत भी 1968 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘दीवाना’ से ही है- यह गीत लिखा है हसरत जयपुरी जी ने और इसका मधुर संगीत तैयार किया है- शंकर जयकिशन की…
-
आना ही होगा, तुझे आना हो होगा !
आज एक बार फिर मैं अपने प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक और गीत शेयर कर रहा हूँ| मजे की बात ये है कि यह गीत भी 1968 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘दीवाना’ से ही है- यह गीत लिखा है हसरत जयपुरी जी ने और इसका मधुर संगीत तैयार किया है- शंकर जयकिशन की…
-
The Book For All !
Today I am using an old post of mine to respond to an #Indispire prompt once again, earlier also it was written for IndiSpire only. It gives me a chance to remember a few of the books I loved to read. Though it is a fact that since long, I am not doing much of…
-
न तुम हारे, न हम हारे!
लीजिए आज एक बार फिर मैं अपने प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक और अमर गीत शेयर कर रहा हूँ| यह गीत भी 1968 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘दीवाना’ से ही है- यह गीत लिखा है शैलेंद्र जी ने और इसका मधुर संगीत तैयार किया है- शंकर जयकिशन की संगीतमय जोड़ी ने| पिछले गीत…
-
मुझे भी तो मोहब्बत दी है!
लीजिए एक बार फिर मैं अपने प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक और अमर गीत शेयर कर रहा हूँ| यह गीत है 1968 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘दीवाना’ से, गीत को लिखा है- हसरत जयपुरी जी ने और इसका मधुर संगीत तैयार किया है- शंकर जयकिशन की संगीतमय जोड़ी ने| सीधे-सादे, सरल हृदय लेकिन…