Category: Uncategorized
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चाय-सी ठंडी हँसी, आँखें तराजू!
एक बार फिर से मैं अपने एक प्रिय कवि और नवगीत विधा के प्रमुख हस्ताक्षर स्वर्गीय रमेश रंजक जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| रंजक जी ने हर प्रकार के गीत लिखे हैं और वे जुझारूपन और बेबाकी के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं| लीजिए प्रस्तुत है रंजक जी का यह…
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नए तीर हैं, निशाने ढूँढते हैं !
प्रसिद्ध शायर अहमद फ़राज़ साहब की एक गजल आज प्रस्तुत कर रहा हूँ| फ़राज़ साहब भारतीय उपमहाद्वीप के बहुत मशहूर शायर हैं, वैसे विभाजन के बाद वे पाकिस्तान में रहते थे | शायरी की दुनिया में फ़राज़ साहब बहुत मशहूर हैं और उनकी अनेक गज़लें जगजीत सिंह जी और गुलाम अली जी ने भी गायी…
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तरक्की के पैमाने!
आज फिर से पुरानी पोस्ट का दिन है और मैं 2018 में हुई एक दुखद घटना की प्रतिक्रियास्वरूप लिखी अपनी एक पोस्ट, फिर से शेयर कर रहा हूँ| आज हम वर्ष 2018 में जी रहे हैं, सुना है हिंदुस्तान दुनिया की बड़ी ताक़त बन गया, आर्थिक शक्तिसंपन्न देशों में भारत की गिनती होने लगी है।…
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खेल का मेरा साथी- रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। आज भी मैंने अनुवाद के लिए अंग्रेजी कविता को ऑनलाइन उपलब्ध कविताओं…
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अपनी रात की छत पर, कितना तन्हा होगा चांद!
प्रसिद्ध लेखक, उपन्यासकार, पटकथा लेखक और गीतकार स्वर्गीय डॉक्टर राही मासूम रज़ा साहब की एक प्रसिद्ध ग़ज़ल मैं आज शेयर कर रहा हूँ| उनके उपन्यास – आधा गाँव, दिल एक सादा कागज, टोपी शुक्ला, मैं एक फेरीवाला आदि बहुत प्रसिद्ध हुए थे और बड़ी भावुकता और राजनीति पर पैनी दृष्टि के साथ उन्होंने ये उपन्यास…
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मोहब्बत रास्ता ही रास्ता है!
आज मैं प्रसिद्ध उर्दू शायर जनाब असद भोपाली जी की एक खूबसूरत सी ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ| इस छोटी सी ग़ज़ल में कुछ असरदार शेरों के माध्यम से शायर ने मुहब्बत के जज़्बे और हौसले को अभिव्यक्त किया है| लीजिए प्रस्तुत है ये खूबसूरत ग़ज़ल- न साथी है न मंज़िल का पता है,मोहब्बत रास्ता…
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बेहतरीन कलाकार- पंकज त्रिपाठी
भारतीय फिल्म और सीरियलों की दुनिया में अनेक बेहतरीन कलाकार रहे हैं और आज मैं इस समय के एक अत्यंत प्रतिभाशाली कलाकार- श्री पंकज त्रिपाठी के बारे में बात करना चाहता हूँ| अभी पिछले एक सप्ताह में ही मैंने उनकी दो टेलीफ़िल्म, वेब सीरीज़ – देखीं- ‘कागज’, जो कल ही मैंने देखी और उससे पहले…
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यह अँधेरे की पिटारी, रास्ता यह साँप-सा!
हिन्दी साहित्य में मेरी विशेष रुचि है और मैं अक्सर इसी विषय में लिखता हूँ और कविताएं आदि शेयर करता हूँ| लेकिन मेरी एक कमजोरी है, मुझे गीत-कविताओं से ज्यादा लगाव है और मैं उनको ज्यादा शेयर करता हूँ| लीजिए मैं आज स्वर्गीय सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ, जो…
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सौ बातों की एक बात है !
लीजिए आज फिर से मैं कभी काव्य-मंचों के अत्यंत लोकप्रिय कवि रहे स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी का एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ, जिसमें उन्होंने बड़ी भावुकता के साथ यह चित्रण किया है, कि किस प्रकार हमको जीवन के सभी रंगों, सभी प्रकार की परिस्थितियों, कभी साथ और कभी अकेलेपन का सामना करना पड़ता है|…
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फ़ाइल के कोरे पन्ने भरते-भरते!
कविताओं के बारे में, एक बात कहना चाहूँगा, मैं यहाँ जो कविताएं शेयर करता हूँ, अधिकतर वे हमारे जमाने के कवियों की होती हैं, जो कवि सम्मेलनों में अपनी गीत-कविताओं के माध्यम से धूम मचाते थे| अब तो कवि सम्मेलनों का वैसा वातावरण नहीं रहा और मैं भी गोवा में हूँ, जहां ऐसी गतिविधियां देख-सुन…