कुछ होता हुआ देखें!

कहाँ तक वक़्त के दरिया को हम ठहरा हुआ देखें,
ये हसरत है कि इन आँखों से कुछ होता हुआ देखें।

शहरयार

2 responses to “कुछ होता हुआ देखें!”

    1. धन्यवाद जी

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