आती रुत मुझे रोएगी!

मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में नासिर काज़मी जी की ग़ज़ल का अंतिम शेर जिसे ग़ुलाम अली जी ने गाया है-

आती रुत मुझे रोएगी जाती रुत का झोंका हूँ!

आशा है आपको यह पसंद आएगा,

धन्यवाद।

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2 responses to “आती रुत मुझे रोएगी!”

  1. Bahut hi pyara 🤍✨🙏🏻

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    1. हार्दिक धन्यवाद जी

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