हम को न छेड़ना भला सुन ऐ अमीर-ए-शहर,
हम और ही फ़क़ीर हैं जा अपनी राह ले|
इब्राहीम अली ज़ीशान
A sky full of cotton beads like clouds
हम को न छेड़ना भला सुन ऐ अमीर-ए-शहर,
हम और ही फ़क़ीर हैं जा अपनी राह ले|
इब्राहीम अली ज़ीशान
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