आरज़ू शोला-ब-जाँ हो!

ज़ब्त भी होता है अंदाज़-ए-जुनूँ में शामिल,
आरज़ू शोला-ब-जाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं|

साहिर होशियारपुरी