दर्द में डूबे हुए नग़्मे!

दर्द में डूबे हुए नग़्मे हज़ारों हैं मगर,
साज़-ए-दिल टूट गया हो तो सुनाएँ कैसे|

नक़्श लायलपुरी

2 responses to “दर्द में डूबे हुए नग़्मे!”

  1. वाह वाह।

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    1. धन्यवाद जी

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