A sky full of cotton beads like clouds
मुझ से जब तर्क-ए-तअल्लुक़ का किया अहद तो फिर,
मुड़ के मेरी ही तरफ़ आप ने देखा कैसे|
कृष्ण बिहारी नूर
Δ
Leave a comment