ग़ैरों पे भरोसा कैसे!

मुझ को ख़ुद पर भी भरोसा नहीं होने पाता,

लोग कर लेते हैं ग़ैरों पे भरोसा कैसे|

           कृष्ण बिहारी नूर

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